{"_id":"67b8cb93384cd5a1c205ea5a","slug":"employment-fair-organised-in-kathua-kathua-news-c-201-1-knt1008-117625-2025-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: रोजगार मेले में 1156 युवाओं को मिली नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: रोजगार मेले में 1156 युवाओं को मिली नौकरी
विज्ञापन
रोजगार मेले के पंजीकरण काउंटर में उमड़ी युवतियां
-ढाई हजार युवा पंजीकरण के लिए उमड़े, आशा और निराशा के बीच संपन्न हुई प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में अपनी ही तरह के पहले निजी रोजगार मेले का जिला प्रशासन की ओर से आयोजन किया गया। दावा है कि इसमें 1156 नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों को सौंपे गए हैं। रोजगार की आस में जिला के दूर दराज बनी, लोहाई मल्हार से लेकर बिलावर, बसोहली, महानपुर, हीरानगर के अलावा सांबा जिले से भी युवा इस मेले में पहुंचे। आशा और निराशा के बीच संपन्न हुए मेले में लगभग तीन हजार युवाओं ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
शुक्रवार को जिले में बहुप्रचारित रोजगार मेला जिला स्पोटर्स स्टेडियम में आयोजित हुआ। सुबह मेले की शुरुआत से पहले सभी इंतजाम सुनिश्चित कर लिए गए थे। मेले में सुबह से ही युवाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मेले में स्थापित किए गए 24 स्टॉल पर अलग-अलग कंपनियों की ओर से अपनी रिक्तियों के आधार पर युवाओं से आवेदन और रिज्यूम लिए गए। गोदरेज, पिडिलाइट, वरुण बेवरेजेस, एटोमिक नॉर्थ, रेक्सा, एलआईसी समेत कई कंपनियों के स्टॉल पर दोपहर तक युवाओं के उमड़ने का सिलसिला जारी रहा। कुशल, अर्ध कुशल और नए उम्मीदवारों के लिए अवसर प्रदान किए गए।
हालांकि युवाओं ने इस बात पर भी असंतोष जताया कि ज्यादातर रिक्तियां निम्न स्तर की थीं। ऐसे में कई निराश भी लौटे। ज्यादातर मामले में युवाओं में किसी तरह से कोई भी रोजगार हासिल करने की होड़ देखी गई। मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने युवाओं को प्रोत्साहित किया और प्रशासन के प्रयास की सराहना की। उधर, मेले में कला प्रदर्शनी भी लगाई गई थी जहां बसोहली की प्रसिद्ध चित्रकला से लेकर चित्रकारों की बेहतरीन कलाएं प्रदर्शित कर बिक्री के लिए भी लगाई गईं।
विज्ञापन
जिला उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने बताया कि कठुआ में स्थापित 40 के लगभग कंपनियों के साथ मिलकर यह मेला आयोजित किया गया है । जिसमें दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, इंजीनियरिंग और अन्य तक्नीनिक, व्यवसायिक शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि जितने युवाओं को यहां से रोजगार मिलेगा, उतने ही परिवारों के लिए यह रोजगार उनके परिवार का सहारा बनेगा। बताया कि जिन युवाओं को यहां नौकरी नहीं मिल पाई है, उनके लिए आने वाले समय में इससे भी बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा। उधर, औद्योगिक एसोसिएशन के प्रधान अजीत बावा और अन्य उद्योगपति भी मेले में युवाओं की सहूलियत के लिए मौजूद रहे।
.............
शिक्षिका से अब बनीं प्रिंटिंग प्रभारी
शहर के वार्ड नंबर दो की रेखा गुप्ता को रोजगार मेले में उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी मिल गई। एक स्थानीय निजी कंपनी ने उन्हें बतौर प्रिंटिंग इंचार्ज नियुक्त किया। रेखा ने बताया कि उनके लिए एक नया अवसर है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वो शिक्षण पेशे से हैं और अब इस अनुभव को देखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले समय समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि अन्य युवाओं को भी अवसर मिलते रहें।
...................
दो घंटे में ही खाली हो गए आधे काउंटर
जिले में बढ़ी हुई बेरोजगारी के अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो घंटे के भीतर ही निजी कंपनियों के प्रतिनिधि अपने स्टॉल से उठ गए। इनकी ओर से रिक्तियां भर लिए जाने का दावा किया गया। युवाओं में निराशा इस बात को लेकर भी थी कि ज्यादातर रिक्तियां निम्न स्तर की थीं। मेले में आए युवाओं ने कहा कि कई लोगों की आज के समय में शादी बेरोजगारी की वजह से नहीं हो रही है। वो इसी आस से आए कि नौकरी मिल जाएगी तो शादी भी हो जाएगी। लेकिन यहां कंपनियों की ओर से निकाले गए पदों पर जिस अनुसार वेतन दिया जा रहा है वो तर्कसंगत नहीं है।
एक युवा ने बताया कि एक प्लंबर निजी काम में पांच सौ रुपये छोटा सा काम करने पर ही हासिल कर लेता है जबकि यहां कंपनियां दस हजार प्रति माह प्लंबर को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर युवा उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा हासिल किए हुए हैं। जिले में आ रही निजी कंपनियों और इकाइयों से ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि वो उच्च पदों पर भी स्थानीय लोगों को उनकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार भर्ती करें। उन्होंने बताया कि ज्यादातर कंपनियों ने रिज्यूम लिए हैं और अगले कुछ दिनों में रोजगार के संबंध में बताए जाने की बात कही है।
...............
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में अपनी ही तरह के पहले निजी रोजगार मेले का जिला प्रशासन की ओर से आयोजन किया गया। दावा है कि इसमें 1156 नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों को सौंपे गए हैं। रोजगार की आस में जिला के दूर दराज बनी, लोहाई मल्हार से लेकर बिलावर, बसोहली, महानपुर, हीरानगर के अलावा सांबा जिले से भी युवा इस मेले में पहुंचे। आशा और निराशा के बीच संपन्न हुए मेले में लगभग तीन हजार युवाओं ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
शुक्रवार को जिले में बहुप्रचारित रोजगार मेला जिला स्पोटर्स स्टेडियम में आयोजित हुआ। सुबह मेले की शुरुआत से पहले सभी इंतजाम सुनिश्चित कर लिए गए थे। मेले में सुबह से ही युवाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मेले में स्थापित किए गए 24 स्टॉल पर अलग-अलग कंपनियों की ओर से अपनी रिक्तियों के आधार पर युवाओं से आवेदन और रिज्यूम लिए गए। गोदरेज, पिडिलाइट, वरुण बेवरेजेस, एटोमिक नॉर्थ, रेक्सा, एलआईसी समेत कई कंपनियों के स्टॉल पर दोपहर तक युवाओं के उमड़ने का सिलसिला जारी रहा। कुशल, अर्ध कुशल और नए उम्मीदवारों के लिए अवसर प्रदान किए गए।
विज्ञापन
हालांकि युवाओं ने इस बात पर भी असंतोष जताया कि ज्यादातर रिक्तियां निम्न स्तर की थीं। ऐसे में कई निराश भी लौटे। ज्यादातर मामले में युवाओं में किसी तरह से कोई भी रोजगार हासिल करने की होड़ देखी गई। मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने युवाओं को प्रोत्साहित किया और प्रशासन के प्रयास की सराहना की। उधर, मेले में कला प्रदर्शनी भी लगाई गई थी जहां बसोहली की प्रसिद्ध चित्रकला से लेकर चित्रकारों की बेहतरीन कलाएं प्रदर्शित कर बिक्री के लिए भी लगाई गईं।
विज्ञापन
जिला उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने बताया कि कठुआ में स्थापित 40 के लगभग कंपनियों के साथ मिलकर यह मेला आयोजित किया गया है । जिसमें दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, इंजीनियरिंग और अन्य तक्नीनिक, व्यवसायिक शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि जितने युवाओं को यहां से रोजगार मिलेगा, उतने ही परिवारों के लिए यह रोजगार उनके परिवार का सहारा बनेगा। बताया कि जिन युवाओं को यहां नौकरी नहीं मिल पाई है, उनके लिए आने वाले समय में इससे भी बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा। उधर, औद्योगिक एसोसिएशन के प्रधान अजीत बावा और अन्य उद्योगपति भी मेले में युवाओं की सहूलियत के लिए मौजूद रहे।
.............
शिक्षिका से अब बनीं प्रिंटिंग प्रभारी
शहर के वार्ड नंबर दो की रेखा गुप्ता को रोजगार मेले में उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी मिल गई। एक स्थानीय निजी कंपनी ने उन्हें बतौर प्रिंटिंग इंचार्ज नियुक्त किया। रेखा ने बताया कि उनके लिए एक नया अवसर है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वो शिक्षण पेशे से हैं और अब इस अनुभव को देखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले समय समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि अन्य युवाओं को भी अवसर मिलते रहें।
...................
दो घंटे में ही खाली हो गए आधे काउंटर
जिले में बढ़ी हुई बेरोजगारी के अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो घंटे के भीतर ही निजी कंपनियों के प्रतिनिधि अपने स्टॉल से उठ गए। इनकी ओर से रिक्तियां भर लिए जाने का दावा किया गया। युवाओं में निराशा इस बात को लेकर भी थी कि ज्यादातर रिक्तियां निम्न स्तर की थीं। मेले में आए युवाओं ने कहा कि कई लोगों की आज के समय में शादी बेरोजगारी की वजह से नहीं हो रही है। वो इसी आस से आए कि नौकरी मिल जाएगी तो शादी भी हो जाएगी। लेकिन यहां कंपनियों की ओर से निकाले गए पदों पर जिस अनुसार वेतन दिया जा रहा है वो तर्कसंगत नहीं है।
एक युवा ने बताया कि एक प्लंबर निजी काम में पांच सौ रुपये छोटा सा काम करने पर ही हासिल कर लेता है जबकि यहां कंपनियां दस हजार प्रति माह प्लंबर को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर युवा उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा हासिल किए हुए हैं। जिले में आ रही निजी कंपनियों और इकाइयों से ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि वो उच्च पदों पर भी स्थानीय लोगों को उनकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार भर्ती करें। उन्होंने बताया कि ज्यादातर कंपनियों ने रिज्यूम लिए हैं और अगले कुछ दिनों में रोजगार के संबंध में बताए जाने की बात कही है।
...............