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Kathua News: अवैध रूप से चल रहे नौ नशा मुक्ति केंद्रों को नोटिस
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कठुआ। जिले में अवैध रूप से चल रहे करीब एक दर्जन नशा मुक्ति केंद्र आखिरकार प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। इन केंद्रों में दो युवाओं की प्रताड़ना से मौत के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने अब इन्हें दो दिन के भीतर दस्तावेज जमा करवाने या फिर अपनी गतिविधियां बंद करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। नौ नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई की गई है।
सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे असिस्टेंट कमिश्नर रेवेन्यू (एसीआर) कठुआ के नेतृत्व में टीम ने जिले में अवैध रूप से चल रहे इन नशा मुक्त केंद्रों पर दबिश दी। लखनपुर से लेकर कठुआ और आसपास के इलाकों में चल रहे इन नशा मुक्ति केंद्रों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन को जिले में अवैध रूप से चल रहे सात नशा मुक्ति केंद्रों की सूचना मिली थी, जबकि चार से पांच नशा मुक्ति केंद्र और भी ऐसे चल रहे हैं, जिनके पास वैध अनुमति नहीं है। सोमवार को एसीआर कठुआ के नेतृत्व में तहसीलदार कठुआ, सीएमओ कठुआ और टीम ने लखनपुर से लेकर कठुआ तक चल रहे इन केंद्रों पर एकाएक दबिश दी। केंद्र संचालकों को मौके पर ही दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया। यह भी पाया गया कि ये केंद्र बिना सरकारी अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे थे। इसके बाद इन्हें दो दिन में अनुमति जमा करवाने या फिर बंद करने के लिए कहा गया है। एसीआर कठुआ विश्व प्रताप सिंह ने बताया कि कि जितनी भी रिपोर्ट मिली हैं उसके अनुसार जिले में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों में से एक भी वैध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास जानकारी के अनुसार ये केंद्र सात से दस हैं लेकिन इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। इन्हें प्रॉपर अथारिटी से लाइसेंस लेकर चलाना चाहिए था। क्लीनिकल और मेडिकल एक्ट के तहत इन्हें दस्तावेज कर अनुमति लेनी थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन्हें दो दिन का समय दिया गया है। अन्यथा बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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अवैध केंद्रों को शरण देने वाले भी नपेंगे
जिले में एक दर्जन के लगभग नशा मुक्ति केंद्रों के अवैध रूप से चलने के मामले में एक और बड़ी बात निकलकर सामने आई है कि इन केंद्रों को स्थानीय लोग बिना जांच कर अपनी इमारतें किराये पर दे रहे हैं। बिना अनुमति और पंजीकरण चलने वाले ये केंद्र ज्यादातर आबादी से दूर बिरान जगह में चलाए जाते हैं। मामले प्रकाश में आने के बाद संचालक फरार हो जाते हैं। अब तक जांच में सामने आया है कि ज्यादातर नशा मुक्ति केंद्र पंजाब के लोगों की ओर से चलाए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी अवैध गतिविधियों को शरण देने या फिर इमारत देने वाले मालिकों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे असिस्टेंट कमिश्नर रेवेन्यू (एसीआर) कठुआ के नेतृत्व में टीम ने जिले में अवैध रूप से चल रहे इन नशा मुक्त केंद्रों पर दबिश दी। लखनपुर से लेकर कठुआ और आसपास के इलाकों में चल रहे इन नशा मुक्ति केंद्रों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन को जिले में अवैध रूप से चल रहे सात नशा मुक्ति केंद्रों की सूचना मिली थी, जबकि चार से पांच नशा मुक्ति केंद्र और भी ऐसे चल रहे हैं, जिनके पास वैध अनुमति नहीं है। सोमवार को एसीआर कठुआ के नेतृत्व में तहसीलदार कठुआ, सीएमओ कठुआ और टीम ने लखनपुर से लेकर कठुआ तक चल रहे इन केंद्रों पर एकाएक दबिश दी। केंद्र संचालकों को मौके पर ही दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया। यह भी पाया गया कि ये केंद्र बिना सरकारी अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे थे। इसके बाद इन्हें दो दिन में अनुमति जमा करवाने या फिर बंद करने के लिए कहा गया है। एसीआर कठुआ विश्व प्रताप सिंह ने बताया कि कि जितनी भी रिपोर्ट मिली हैं उसके अनुसार जिले में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों में से एक भी वैध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास जानकारी के अनुसार ये केंद्र सात से दस हैं लेकिन इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। इन्हें प्रॉपर अथारिटी से लाइसेंस लेकर चलाना चाहिए था। क्लीनिकल और मेडिकल एक्ट के तहत इन्हें दस्तावेज कर अनुमति लेनी थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन्हें दो दिन का समय दिया गया है। अन्यथा बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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अवैध केंद्रों को शरण देने वाले भी नपेंगे
जिले में एक दर्जन के लगभग नशा मुक्ति केंद्रों के अवैध रूप से चलने के मामले में एक और बड़ी बात निकलकर सामने आई है कि इन केंद्रों को स्थानीय लोग बिना जांच कर अपनी इमारतें किराये पर दे रहे हैं। बिना अनुमति और पंजीकरण चलने वाले ये केंद्र ज्यादातर आबादी से दूर बिरान जगह में चलाए जाते हैं। मामले प्रकाश में आने के बाद संचालक फरार हो जाते हैं। अब तक जांच में सामने आया है कि ज्यादातर नशा मुक्ति केंद्र पंजाब के लोगों की ओर से चलाए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी अवैध गतिविधियों को शरण देने या फिर इमारत देने वाले मालिकों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।