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धुंध के बावजूद तारबंदी के आगे अपने खेतों में डटे रहे किसान
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हीरानगर। धुंध के बावजूद भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर तारबंदी के आगे खेती का काम शुक्रवार को भी जारी रहा। यहां खेती करने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है और किसान पूरे उत्साह के साथ यहां खेती कर रहे हैं। जुताई के बाद यहां गेहूं का बीज बोया जा रहा है। करीब 41 एकड़ भूमि पर गेहूं बोई जा चुकी है। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग की ओर से बीज और खाद मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है।
तारबंदी के आगे खेती के लिए तय किए गए समय के मुताबिक सीमावर्ती गांव छन्न टांडा और चक चंगा के किसान सुबह 9 बजे गेट पर पहुंच गए। धुंध की वजह से किसानों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ा, उसके बाद बीएसएफ के जवानों ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई और वह अपने खेतों में काम करने चले गए। ठंड की परवाह किए बगैर किसान शाम 4 बजे तक यहां काम करते रहे। बता दें कि बुधवार को 19 वर्षों के बाद सीमावर्ती किसानों ने तारबंदी के आगे खेती का काम शुरू किया। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों की बदौलत यह कार्य शुरू हुआ। जिसके बाद अब किसान बेहद खुश हैं और तारबंदी के आगे खेती करने के लिए हर रोज किसानों के नाम दर्ज करने के लिए बनाई जा रही सूची में इजाफा हो रहा है।
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तारबंदी के आगे खेती का काम लगातार जारी है। किसान और हमारी टीम हर रोज आगे जाकर काम कर रही है। अब तक 41 एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल बोई जा चुकी है। इसके लिए किसानों को मुफ्त बीज और खाद उपलब्ध कराया गया। खुशी की बात यह है कि किसान यहां खेती करने के लिए बेहद उत्सुक है। हर रोज यहां खेती के लिए नाम दर्ज कराने वाले किसानों में इजाफा हो रहा है। अब तक करीब दो दर्जन किसान अपने खेतों में खेती के लिए नाम दर्ज करा चुके हैं और काम कर रहे हैं। - विजय उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी।
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तारबंदी के आगे खेती के लिए तय किए गए समय के मुताबिक सीमावर्ती गांव छन्न टांडा और चक चंगा के किसान सुबह 9 बजे गेट पर पहुंच गए। धुंध की वजह से किसानों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ा, उसके बाद बीएसएफ के जवानों ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई और वह अपने खेतों में काम करने चले गए। ठंड की परवाह किए बगैर किसान शाम 4 बजे तक यहां काम करते रहे। बता दें कि बुधवार को 19 वर्षों के बाद सीमावर्ती किसानों ने तारबंदी के आगे खेती का काम शुरू किया। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों की बदौलत यह कार्य शुरू हुआ। जिसके बाद अब किसान बेहद खुश हैं और तारबंदी के आगे खेती करने के लिए हर रोज किसानों के नाम दर्ज करने के लिए बनाई जा रही सूची में इजाफा हो रहा है।
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तारबंदी के आगे खेती का काम लगातार जारी है। किसान और हमारी टीम हर रोज आगे जाकर काम कर रही है। अब तक 41 एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल बोई जा चुकी है। इसके लिए किसानों को मुफ्त बीज और खाद उपलब्ध कराया गया। खुशी की बात यह है कि किसान यहां खेती करने के लिए बेहद उत्सुक है। हर रोज यहां खेती के लिए नाम दर्ज कराने वाले किसानों में इजाफा हो रहा है। अब तक करीब दो दर्जन किसान अपने खेतों में खेती के लिए नाम दर्ज करा चुके हैं और काम कर रहे हैं। - विजय उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी।
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