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Kathua News: नौ साल में भी नहीं बन पाई दौल्का की 10 किमी सड़क, लोग परेशान
Tue, 06 May 2025 01:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 06 May 2025 01:40 AM IST
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नौ साल से अधूरा पड़ा सड़क का काम। संवाद
- फोटो : kathua
ग्रामीण बोले- छह साल से निर्माण कार्य अंतिम स्टेज में
बनी। दौलका जाने वाली सड़क का काम पिछले 9 वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है है, जिससे क्षेत्र के पांच गांव, दौलका, चंद्रू, पाड़ीसुर्गाला, गंडियाल और अन्य गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनका सपना अधूरा ही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली इस सड़क का निर्माण कार्य साल 2016 में शुरू हुआ था। जो आज तक पूरा नही हो पाया है। जिसके कारण करीब 10 हजार की आबादी को आवागमन की बेहतर सुविधा नही मिल पाई है। जिसके कारण लोगों को आज भी वर्षों पुराने कच्चे रास्तों से ही अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी शिवलाल ने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन सड़क में आने वाले मोड़ काफी संकरे है। इसके साथ ही सड़क की कटिंग भी बेहद घटिया तरीके की गई। उन्होंने बताया इलाके में हर वर्ष 3 से 4 फीट तक बर्फबारी होती है। ऐसे में हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाते हैं। सभी पैदल रास्ते बंद हो जाते हैं, और यह अधूरी पड़ी एकमात्र सड़क भी चलने के लायक नहीं बचती। बरसात के समय यह कच्ची और खराब सड़क मौत को दावत देती नजर आती है, और ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर यात्रा करनी पड़ती है।
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वहीं, मदनलाल ने कहा कि यह सड़क लोगों के लिए जीवन रेखा बन सकती थी, लेकिन 9 साल बाद भी यह अधूरी पड़ी है। जब भी बर्फबारी होती है, स्थिति भयावह हो जाती है। राजकुमार ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ सड़क नहीं, हमारी उम्मीदों का रास्ता है। सरकार ने शुरुआत तो की, लेकिन उसे पूरा करने की नीयत अब तक नहीं दिखाई है। जबकि, सुदेश कुमार ने बताया कि मौजूदा सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि कई बार वाहन फंस जाते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और मरीजों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार अब सड़क निर्माण कार्य अंतिम स्टेज में है, लेकिन यह अंतिम स्टेज भी पिछले 6 वर्षों से चल आ रही है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस सड़क का कार्य पूरा करने की माकी करे। ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके। संवाद
कोट
सड़क में जल जीवन मिशन के तहत पाइप बिछाए जाने के कारण निर्माण का काम रुका है। तकनीकी पहलुओं से जुड़ी समस्याओं में कुछ कामों में पहली स्टेज में बदलाव संभव था, लेकिन तब किसी ने इसके लिए आवाज नही उठाई। जहां तक मोड़ की बात है, वे पहले से ही कंजेस्टेड हैं और उनका कुछ किया नहीं जा सकता। योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क की कुल लंबाई 10.4 किलोमीटर है। अब तक लगभग 9.8 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और थोड़ा कार्य शेष है।
बलवीर सिंह, सहायक अभियंता, निर्माण एजेंसी
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बनी। दौलका जाने वाली सड़क का काम पिछले 9 वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है है, जिससे क्षेत्र के पांच गांव, दौलका, चंद्रू, पाड़ीसुर्गाला, गंडियाल और अन्य गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनका सपना अधूरा ही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली इस सड़क का निर्माण कार्य साल 2016 में शुरू हुआ था। जो आज तक पूरा नही हो पाया है। जिसके कारण करीब 10 हजार की आबादी को आवागमन की बेहतर सुविधा नही मिल पाई है। जिसके कारण लोगों को आज भी वर्षों पुराने कच्चे रास्तों से ही अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी शिवलाल ने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन सड़क में आने वाले मोड़ काफी संकरे है। इसके साथ ही सड़क की कटिंग भी बेहद घटिया तरीके की गई। उन्होंने बताया इलाके में हर वर्ष 3 से 4 फीट तक बर्फबारी होती है। ऐसे में हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाते हैं। सभी पैदल रास्ते बंद हो जाते हैं, और यह अधूरी पड़ी एकमात्र सड़क भी चलने के लायक नहीं बचती। बरसात के समय यह कच्ची और खराब सड़क मौत को दावत देती नजर आती है, और ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर यात्रा करनी पड़ती है।
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वहीं, मदनलाल ने कहा कि यह सड़क लोगों के लिए जीवन रेखा बन सकती थी, लेकिन 9 साल बाद भी यह अधूरी पड़ी है। जब भी बर्फबारी होती है, स्थिति भयावह हो जाती है। राजकुमार ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ सड़क नहीं, हमारी उम्मीदों का रास्ता है। सरकार ने शुरुआत तो की, लेकिन उसे पूरा करने की नीयत अब तक नहीं दिखाई है। जबकि, सुदेश कुमार ने बताया कि मौजूदा सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि कई बार वाहन फंस जाते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और मरीजों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार अब सड़क निर्माण कार्य अंतिम स्टेज में है, लेकिन यह अंतिम स्टेज भी पिछले 6 वर्षों से चल आ रही है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस सड़क का कार्य पूरा करने की माकी करे। ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके। संवाद
कोट
सड़क में जल जीवन मिशन के तहत पाइप बिछाए जाने के कारण निर्माण का काम रुका है। तकनीकी पहलुओं से जुड़ी समस्याओं में कुछ कामों में पहली स्टेज में बदलाव संभव था, लेकिन तब किसी ने इसके लिए आवाज नही उठाई। जहां तक मोड़ की बात है, वे पहले से ही कंजेस्टेड हैं और उनका कुछ किया नहीं जा सकता। योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क की कुल लंबाई 10.4 किलोमीटर है। अब तक लगभग 9.8 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और थोड़ा कार्य शेष है।
बलवीर सिंह, सहायक अभियंता, निर्माण एजेंसी