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Kathua News: अब रेल मार्ग से कश्मीर घाटी पहुंचेंगे बिस्कुट
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। उधमपुर से सीमेंट को रेल नेटवर्क से जोड़ने के बाद अब कठुआ की प्रतिष्ठित कंपनी ने भी अपने उत्पादों के परिवहन के लिए रेलवे पर भरोसा जताया है। खास ब्रांड के बिस्कुट बनाने वाली इस कंपनी ने शुक्रवार को एक बीसीएन वैगन का इंडेंट दर्ज कराया है। इस वैगन की लोडिंग 30 सितंबर को शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन पर की जाएगी, जिसे वहां से सीधे अनंतनाग गुड्स शेड भेजा जाएगा। इस पहल से खाद्य स्नैक्स के सुरक्षित और त्वरित परिवहन को नया आयाम मिलेगा।
उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) के निरंतर प्रयासों और स्थानीय उद्योगों से बेहतर समन्वय के चलते माल लदान (फ्रेट लोडिंग) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रेलवे की इस सकारात्मक पहल से क्षेत्र के छोटे और स्थानीय उद्योग तेजी से भारतीय रेल से जुड़ रहे हैं। माल ढुलाई के पारंपरिक दायरे से बाहर निकलते हुए अब मंडल ने अपनी कमोडिटी बास्केट में खाद्य सामग्री को भी सफलतापूर्वक शामिल कर लिया है। मंडल की बीडीयू टीम की तरफ से क्षेत्र में किए जा रहे सघन विपणन, व्यापारियों से सीधे संवाद और पंजीकृत एग्रीगेटर्स के साथ बेहतर तालमेल के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले 10 दिनों में ही 22 से अधिक खाद्यान्न वैगनों की सफल लोडिंग की जा चुकी है, जिसमें अनंतनाग से कठुआ और छन अरोड़ियां तक खाद्यान्न पार्सल लोडिंग शामिल है। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को कश्मीर घाटी तक किफायती, सुरक्षित और तेज गति से पहुंचाना संभव हो रहा है, बल्कि सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम हो रही है। जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि जम्मू मंडल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को रेल नेटवर्क से जोड़कर उन्हें एक सस्ता, सुगम और विश्वसनीय विकल्प उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि सीमेंट के बाद बिस्कुट जैसी नई उपभोक्ता सामग्री का जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि व्यापारिक वर्ग अब रेलवे को प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले समय में व्यापारिक समुदाय के सहयोग से माल ढुलाई के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे।
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कठुआ। उधमपुर से सीमेंट को रेल नेटवर्क से जोड़ने के बाद अब कठुआ की प्रतिष्ठित कंपनी ने भी अपने उत्पादों के परिवहन के लिए रेलवे पर भरोसा जताया है। खास ब्रांड के बिस्कुट बनाने वाली इस कंपनी ने शुक्रवार को एक बीसीएन वैगन का इंडेंट दर्ज कराया है। इस वैगन की लोडिंग 30 सितंबर को शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन पर की जाएगी, जिसे वहां से सीधे अनंतनाग गुड्स शेड भेजा जाएगा। इस पहल से खाद्य स्नैक्स के सुरक्षित और त्वरित परिवहन को नया आयाम मिलेगा।
उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) के निरंतर प्रयासों और स्थानीय उद्योगों से बेहतर समन्वय के चलते माल लदान (फ्रेट लोडिंग) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रेलवे की इस सकारात्मक पहल से क्षेत्र के छोटे और स्थानीय उद्योग तेजी से भारतीय रेल से जुड़ रहे हैं। माल ढुलाई के पारंपरिक दायरे से बाहर निकलते हुए अब मंडल ने अपनी कमोडिटी बास्केट में खाद्य सामग्री को भी सफलतापूर्वक शामिल कर लिया है। मंडल की बीडीयू टीम की तरफ से क्षेत्र में किए जा रहे सघन विपणन, व्यापारियों से सीधे संवाद और पंजीकृत एग्रीगेटर्स के साथ बेहतर तालमेल के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले 10 दिनों में ही 22 से अधिक खाद्यान्न वैगनों की सफल लोडिंग की जा चुकी है, जिसमें अनंतनाग से कठुआ और छन अरोड़ियां तक खाद्यान्न पार्सल लोडिंग शामिल है। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को कश्मीर घाटी तक किफायती, सुरक्षित और तेज गति से पहुंचाना संभव हो रहा है, बल्कि सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम हो रही है। जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि जम्मू मंडल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को रेल नेटवर्क से जोड़कर उन्हें एक सस्ता, सुगम और विश्वसनीय विकल्प उपलब्ध कराना है।
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उन्होंने कहा कि सीमेंट के बाद बिस्कुट जैसी नई उपभोक्ता सामग्री का जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि व्यापारिक वर्ग अब रेलवे को प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले समय में व्यापारिक समुदाय के सहयोग से माल ढुलाई के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे।
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