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कठुआ ही नहीं आरएस पूरा और सांबा में भी वांछित है पम्मा
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कठुआ। जिले में हुई दो डकैतियों का मुख्य आरोपी पम्मा, कठुआ में ही नहीं आरएस पुरा और सांबा में भी विभिन्न मामलों में वांछित था। पंजाब और हिमाचल में भी पम्मा पर विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हुए थे। पम्मा सांबा से भी फरार हुआ था और वहां पर भी इसकी धरपकड़ के लिए पुलिस अभियान चलाए हुए थी।
एसएसपी कठुआ श्रीधर पाटिल के मुताबिक पम्मा पर आरएस पुरा में एफआईआर संख्या 66/2014 में आरपीसी की धारा 302, 147, 148, 149 और पुलिस शस्त्र अधिनियम 3/4/25 के तहत मामला दर्ज है। सांबा पुलिस स्टेशन में इस पर एफआईआर संख्या 203/2018 में आरपीसी की धारा 382/341/201 के तहत मामला दर्ज है। कठुआ के पारलीवंड इलाके में 8 फरवरी को हुई वारदात में इस पर और इसके साथियों पर एफआईआर संख्या 42/2019 में आरपीसी की धारा 392, 34 और 3/4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। राजबाग थाना क्षेत्र में 24 मार्च को हुई वारदात में पुलिस ने एफआईआर संख्या 47/2019 में आरपीसी की धारा 392/397/307 और 3/4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
बदलता रहता था ठिकाने
इस गिरोह का वारदात को अंजाम देने का तरीका एक जैसा ही था। एसएसपी कठुआ ने बताया कि पहले गिरोह के लोग तय जगह की रैकी करते और जनरल आर्ब्जवेंस के तौर पर स्थान को निश्चित करते। मुख्यत: उन्हीं स्थानों को निशाना बनाया जाता जो देर रात तक खुले रहते हैं और जहां आसपास बहुत अधिक लोगों की हाजिरी न हो। इसके बाद बंदूक की नोक पर पैसों की मांग करते। गिरोह का मुख्य आरोपी अपना ठिकाना भी बदलता रहता था। वर्तमान में वह बमियाल इलाके में रह रहा था। इससे पहले पंजाब के ही किसी दूसरी स्थान पर रह रहा था।
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एसएसपी कठुआ श्रीधर पाटिल के मुताबिक पम्मा पर आरएस पुरा में एफआईआर संख्या 66/2014 में आरपीसी की धारा 302, 147, 148, 149 और पुलिस शस्त्र अधिनियम 3/4/25 के तहत मामला दर्ज है। सांबा पुलिस स्टेशन में इस पर एफआईआर संख्या 203/2018 में आरपीसी की धारा 382/341/201 के तहत मामला दर्ज है। कठुआ के पारलीवंड इलाके में 8 फरवरी को हुई वारदात में इस पर और इसके साथियों पर एफआईआर संख्या 42/2019 में आरपीसी की धारा 392, 34 और 3/4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। राजबाग थाना क्षेत्र में 24 मार्च को हुई वारदात में पुलिस ने एफआईआर संख्या 47/2019 में आरपीसी की धारा 392/397/307 और 3/4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
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बदलता रहता था ठिकाने
इस गिरोह का वारदात को अंजाम देने का तरीका एक जैसा ही था। एसएसपी कठुआ ने बताया कि पहले गिरोह के लोग तय जगह की रैकी करते और जनरल आर्ब्जवेंस के तौर पर स्थान को निश्चित करते। मुख्यत: उन्हीं स्थानों को निशाना बनाया जाता जो देर रात तक खुले रहते हैं और जहां आसपास बहुत अधिक लोगों की हाजिरी न हो। इसके बाद बंदूक की नोक पर पैसों की मांग करते। गिरोह का मुख्य आरोपी अपना ठिकाना भी बदलता रहता था। वर्तमान में वह बमियाल इलाके में रह रहा था। इससे पहले पंजाब के ही किसी दूसरी स्थान पर रह रहा था।
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