फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश

भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश

विज्ञापन
भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश
कठुआ। प्रशासन की ओर से 18 दिसंबर को जेसीबी चलाकर तालाब बताकर खाली करवाई गई भूमि के मालिकाना हक पर पांच दिन तक धरना देने के बाद मंगलवार को पूर्व मंत्री बाबू सिंह ने पत्रकारवार्ता की। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त कार्यालय से उन्हें उक्त भूमि को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश हासिल हो चुका है। प्रशासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में आंदोलन जारी रखने की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि एक जनवरी तक धरने को स्थगित कर दिया गया है, लेकिन दो जनवरी को बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर प्रशासन की नीतियों का विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन

बाबू सिंह ने आरोप लगाया कि उक्त भूमि जिस पर प्रशासन ने जबरन जेसीबी चलाकर तालाब का रूप देने की कोशिश की है, उसे उनकी पत्नी ने खरीदा था और बाकायदा राजस्व रिकार्ड में इसकी इंट्री भी रही है। उन्होंने कहा कि 1936 में मेजर खुदाबक्श जो पूर्व मंत्री ताज माइउदीन के पिता थे उन्होंने सरकार से निकाली में चक सोना नूपा की जमीन खरीदी थी जिसमें जमीन का यह हिस्सा भी खरीदा गया था। बाकायदा 1988 में इस जमीन को आफतादा बताया गया था लेकिन प्रशासन ने जानबूझ कर उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए जेसीबी चलाकर जमीन हथियाने की कोशिश की है। यह दमनकारी नीतियां हैं जिसे शहर के किसी भी व्यक्ति के साथ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संघर्ष जारी रखेगे।
विज्ञापन



अतिरिक्त आयुक्त जम्मू की कोर्ट में की अपील
मंडलायुक्त के अधिकारों के साथ अतिरिक्त आयुक्त जम्मू की कोर्ट में पहुंचे जितेंद्र सिंह उर्फ बाबू सिंह ने जिला उपायुक्त कठुआ, अतिरिक्त जिला उपायुक्त कठुआ, सहायक आयुक्त राजस्व कठुआ, तहसीलदार कठुआ और एसएसपी कठुआ के खिलाफ अपील की है। अतिरिक्त आयुक्त जम्मू ने दूसरे पक्ष को 30 जनवरी 2019 की अगली तारीख में रिकार्ड सहित तलब किया है। इस दौरान अगली सुनवाई तक उन्हें उक्त भूमि पर 24 दिसंबर 2018 की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



राजस्व रिकार्ड की जांच के बाद हुई थी कार्रवाई: डीसी
जिला उपायुक्त कठुआ रोहित खजूरिया ने कहा कि उक्त भूमि तालाब ही है, लेकिन राजस्व रिकार्ड में फर्जी इंट्रियां कर इसके दस्तावेजी स्वरूप को बदला गया है। फिलहाल उन्हें आधिकारिक तौर पर आदेश हासिल नहीं हुआ है। यथास्थिति के अनुसार फिलहाल उक्त भूमि की राजस्व विभाग की इंट्रियां रद्द हैं और आगे कोई काम नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगातार उन्हें लोगों की ओर से शिकायत मिल रही थी कि उक्त भूमि पर कब्जा किया गया है, जिसके बाद राजस्व रिकार्ड की जांच के बाद ही कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed