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Kathua News: छह साल पुराने सड़क हादसे के मामले में आरोपी पर 800 रुपये का जुर्माना, कोर्ट ने किया निपटारा

Sun, 01 Jun 2025 12:59 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sun, 01 Jun 2025 12:59 AM IST
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Court settles six-year-old road accident case with Rs 800 fine on accused
अदालत से
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भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 के तहत सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर की अदालत ने छह वर्ष पुराने एक सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी को लापरवाही से वाहन चलाने और चोट पहुंचाने का दोषी मानते हुए 800 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह सजा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 के तहत सुनाई गई।
अदालती आदेश के अनुसार आरोपी संदीप शर्मा पुत्र ओंकार नाथ निवासी हीरानगर ने अपराध स्वीकार करते हुए कोर्ट में दलील दी कि वह बीएनएस की धारा 281 और आईपीसी की धारा 279 के तहत दोषी है। इसके आधार पर न्यायालय ने उसे उक्त धाराओं में दोषी करार दिया और 800 रुपये के जुर्माने से दंडित किया। वहीं, आईपीसी की धारा 338 (गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच आपसी समझौता हो गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
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पुलिस रिपोर्ट के अनुसार 19 जनवरी 2019 को संदीप शर्मा पर लापरवाही से वाहन चलाने और एक व्यक्ति को घायल करने का आरोप लगा था। इसके बाद हीरानगर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 279 और 338 के तहत मामला दर्ज किया था। 26 मई 2025 को आरोपी के वकील ने अदालत में दो याचिकाएं दाखिल कीं। पहली याचिका में बताया गया कि धारा 338 के तहत दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। दूसरी याचिका में आरोपी की ओर से अदालत से आग्रह किया गया कि वह बीएनएस की धारा 281 और आईपीसी की धारा 279 के तहत स्वयं को दोषी स्वीकार करना चाहता है। अदालत ने आरोपी को यह स्पष्ट किया कि वह अपराध स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है और उसे पुनर्विचार का अवसर भी प्रदान किया गया। बावजूद इसके आरोपी अपने बयान पर अडिग रहा। इस पर न्यायालय ने उसे दोषी मानते हुए 800 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे आरोपी ने मौके पर ही अदालत में जमा कर दिया। इसके साथ ही मामला समाप्त कर दिया गया।
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