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Kathua News: अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी को सशर्त जमानत
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अदालत से ... का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने अपहरण और दुष्कर्म मामले के आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के मुताबिक, आरोपी को जमानत के लिए एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बांड सहित समान राशि के दो जमानती कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा अभियुक्त को मुकदमे के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहने के साथ-साथ अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया गया है। अगर आरोपी किसी भी शर्त की अवहेलना करता है तो अभियोजन पक्ष उसकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है। पुलिस की ओर से दायर चालान के मुताबिक यह मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी भारत भूषण पर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 363, 343, 354-डी सहित पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। वह दो साल से अधिक समय से जेल में है।
आरोपी को जमानत देने के लिए अदालत में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। आरोपी के वकील ने कहा कि उसका मुव्वकिल निर्दोष है, उसे जानबूझ कर झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अपराध को जघन्य और गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। कहा कि कार्यवाही अभी प्रारंभिक चरण में है। ऐसे में जमानत देना अभियोजन पक्ष के मामले के लिए प्रतिकूल होगा। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि गवाह (पीड़िता) ने स्पष्ट कहा कि उसने स्वेच्छा से अभियुक्त के साथ संबंध बनाए थे। कहा कि साक्ष्य बयान के अध्ययन से पता चलता है कि पीड़िता के पास अभियुक्त की कथित हिरासत से भागने के कई अवसर थे। लेकिन उसने भागने का विकल्प नहीं चुना।
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इसके अलावा, चिकित्सा जांच भी अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करती है। आरोपी सवा दो साल से हिरासत में है। मामले में अभियोजन पक्ष के 12 गवाहों की जांच की जानी है। मुकदमे की कार्यवाही निकट भविष्य में समाप्त होने की संभावना नहीं है। लिहाजा विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे जमानत दी जाए। इसके बाद अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का आदेश सुनाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश ने अपहरण और दुष्कर्म मामले के आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के मुताबिक, आरोपी को जमानत के लिए एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बांड सहित समान राशि के दो जमानती कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा अभियुक्त को मुकदमे के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहने के साथ-साथ अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया गया है। अगर आरोपी किसी भी शर्त की अवहेलना करता है तो अभियोजन पक्ष उसकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है। पुलिस की ओर से दायर चालान के मुताबिक यह मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी भारत भूषण पर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 363, 343, 354-डी सहित पोक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। वह दो साल से अधिक समय से जेल में है।
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आरोपी को जमानत देने के लिए अदालत में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। आरोपी के वकील ने कहा कि उसका मुव्वकिल निर्दोष है, उसे जानबूझ कर झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अपराध को जघन्य और गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। कहा कि कार्यवाही अभी प्रारंभिक चरण में है। ऐसे में जमानत देना अभियोजन पक्ष के मामले के लिए प्रतिकूल होगा। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि गवाह (पीड़िता) ने स्पष्ट कहा कि उसने स्वेच्छा से अभियुक्त के साथ संबंध बनाए थे। कहा कि साक्ष्य बयान के अध्ययन से पता चलता है कि पीड़िता के पास अभियुक्त की कथित हिरासत से भागने के कई अवसर थे। लेकिन उसने भागने का विकल्प नहीं चुना।
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इसके अलावा, चिकित्सा जांच भी अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करती है। आरोपी सवा दो साल से हिरासत में है। मामले में अभियोजन पक्ष के 12 गवाहों की जांच की जानी है। मुकदमे की कार्यवाही निकट भविष्य में समाप्त होने की संभावना नहीं है। लिहाजा विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसे जमानत दी जाए। इसके बाद अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का आदेश सुनाया।