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Kathua News: अनुबंधित कॉलेज लेक्चररों ने की हड़ताल, यूजीसी मुताबिक वेतन देने की मांग
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अपनी मांगों को लेकर रोष जताते राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ के अनुबंधित लेक्चरार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय डिग्री कॉलेज में तैनात अनुबंधित लेक्चररों की ओर से एक दिन की कलम छोड़ हड़ताल की गई। सोमवार को लेक्चररों ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चार मुख्य मांगें पूरी न होने पर अपना रोष व्यक्त किया।
इसमें यूजीसी मानदंडों के अनुसार अनुबंधित लेक्चरर को उचित नामकरण और मान्यता के साथ पेशेवर सम्मान और उचित पदनाम सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा उन्होंने यूजीसी मानकों के अनुरूप न्यूनतम वेतन 57 हजार 700 प्रति माह तय करने, शैक्षणिक व्यवस्था संकाय के लिए पूर्ण-सत्र कार्यकाल की गारंटी के साथ स्थिरता और उचित कार्य स्थितियां प्रदान करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की स्थायी नौकरी प्रदान की जाए।
बता दें कि अस्थायी लेक्चररों ने लंबित मांगों के लेकर प्रदेश स्तर पर सभी कॉलेजों में हड़ताल का आह्वान किया गया था। सोमवार को उसी कड़ी में राजकीय डिग्री कॉलेज में नियुक्त अस्थायी लेक्चररों में अपना विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के अनुसार प्रत्येक अस्थायी लेक्चरर को 57 हजार से ज्यादा वेतन दिए जाने का प्रावधान है पर उच्च शिक्षा विभाग अभी तक सिर्फ 28 हजार प्रति माह ही दे रहा है। इसके चलते अस्थायी लेक्चरर को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने जम्मू-कश्मीर सरकार, मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से मांग की है जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए क्योंकि उनका यह मुद्दा सीधे तौर पर शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अस्थाई शिक्षकों की आजीविका को भी प्रभावित करता हैं।
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कठुआ। राजकीय डिग्री कॉलेज में तैनात अनुबंधित लेक्चररों की ओर से एक दिन की कलम छोड़ हड़ताल की गई। सोमवार को लेक्चररों ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चार मुख्य मांगें पूरी न होने पर अपना रोष व्यक्त किया।
इसमें यूजीसी मानदंडों के अनुसार अनुबंधित लेक्चरर को उचित नामकरण और मान्यता के साथ पेशेवर सम्मान और उचित पदनाम सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा उन्होंने यूजीसी मानकों के अनुरूप न्यूनतम वेतन 57 हजार 700 प्रति माह तय करने, शैक्षणिक व्यवस्था संकाय के लिए पूर्ण-सत्र कार्यकाल की गारंटी के साथ स्थिरता और उचित कार्य स्थितियां प्रदान करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की स्थायी नौकरी प्रदान की जाए।
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बता दें कि अस्थायी लेक्चररों ने लंबित मांगों के लेकर प्रदेश स्तर पर सभी कॉलेजों में हड़ताल का आह्वान किया गया था। सोमवार को उसी कड़ी में राजकीय डिग्री कॉलेज में नियुक्त अस्थायी लेक्चररों में अपना विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के अनुसार प्रत्येक अस्थायी लेक्चरर को 57 हजार से ज्यादा वेतन दिए जाने का प्रावधान है पर उच्च शिक्षा विभाग अभी तक सिर्फ 28 हजार प्रति माह ही दे रहा है। इसके चलते अस्थायी लेक्चरर को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने जम्मू-कश्मीर सरकार, मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से मांग की है जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए क्योंकि उनका यह मुद्दा सीधे तौर पर शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अस्थाई शिक्षकों की आजीविका को भी प्रभावित करता हैं।
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