कठुआ: पाकिस्तान सीमा से जम्मू के पहाड़ी जिलों तक नए हाथों में सुरक्षा की कमान, अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती
जम्मू संभाग में 39 दिनों के भीतर बीएसएफ, सीआरपीएफ और जम्मू जोन पुलिस को नए प्रमुख मिले हैं, जिससे सीमा से पहाड़ी जिलों तक सुरक्षा व्यवस्था की कमान बदली है।
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जम्मू संभाग के सुरक्षा तंत्र में 39 दिनों के भीतर तीन बड़े बदलाव हुए हैं। पाकिस्तान सीमा से लेकर पहाड़ी जिलों के भीतरी इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था की कमान नए अधिकारियों के हाथों में पहुंच गई है। नए नेतृत्व के सामने सीमा निगरानी से लेकर आतंकी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करना बड़ी चुनौती होगी।नए बदलावों के तहत पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी करने वाली बीएसएफ को नया आईजी मिला है। वहीं, जम्मू के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने वाले सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर की कमान भी नए हाथों में है।
आतंकी नेटवर्क की पहचान और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली जम्मू जोन पुलिस को भी नया आईजी मिला है। तीनों अधिकारियों के सामने अलग-अलग मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियां हैं। खास बात यह है कि नए नेतृत्व के पास संबंधित क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है। अब उनकी कार्यशैली और आपसी समन्वय की परीक्षा सीमा से लेकर भीतरी इलाकों तक होगी।
आसिफ जलाल संभालेंगे बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर
बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर की जिम्मेदारी 2002 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी आसिफ जलाल को मिली है। इससे पहले वह बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी रह चुके हैं। जम्मू फ्रंटियर की कमान संभालने के बाद उनके सामने कठुआ से अखनूर तक करीब 198 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी है। सीमा पार से घुसपैठ के प्रयासों को रोकने के साथ ड्रोन के जरिये हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जाने की घटनाओं पर अंकुश लगाना भी प्रमुख चुनौती होगी। सीमा पर निगरानी तंत्र को और मजबूत करना नए आईजी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।जम्मू जोन में तेजिंदर सिंह के सामने आतंकी नेटवर्क बड़ी चुनौती
जम्मू जोन पुलिस की कमान 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी तेजिंदर सिंह को मिली है। आईजी सीआईडी से जम्मू जोन में आए सिंह महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का अनुभव है। वह एसएसपी जम्मू और डीआईजी पुंछ-राजोरी भी रह चुके हैं। अब उनके सामने स्थानीय खुफिया तंत्र को मजबूत करने के साथ आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों तक पहुंचने की चुनौती होगी। जम्मू जोन के आईजी के तौर पर उन्हें संभाग के सभी दस जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी।
सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर की कमान एनेपु विजयलक्ष्मी के हाथ
सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर की कमान 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी एनेपु विजयलक्ष्मी ने संभाली है। वह इससे पहले झारखंड पुलिस में आईजी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। अब वह जम्मू के संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में केंद्रीय बलों के अभियानों का नेतृत्व करेंगी। जम्मू सेक्टर में सीआरपीएफ की 13 बटालियन हैं। सेक्टर कमांडर के तौर पर विजयलक्ष्मी इन सभी बटालियनों की तैनाती और अभियानों की निगरानी करेंगी। राजोरी-पुंछ के जंगलों से लेकर जम्मू संभाग के अन्य संवेदनशील इलाकों में चलने वाले अभियानों में पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय उनकी भूमिका का अहम हिस्सा होगा।