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Kathua News: सफाई कर्मी गरजे, कहा-नियमित होने तक जारी रहेगी हड़ताल
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-कठुआ नगर परिषद कार्यालय में की नारेबाजी,
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सरकार के स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने वाले सफाई कर्मचारियों ने उन्हें नियमित न किए जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को कठुआ नगर परिषद कार्यालय में नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोमराज ने कहा कि सफाई कर्मी पिछले करीब दो दशक से नियमित किए जाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन आज तक इनकी फरियाद सरकाराें के कानों तक नहीं पहुंच सकी है। अलबत्ता जब भी वे लोग अपनी मांग को लेकर हड़ताल का सहारा लेते हैं तो उन्हें आश्वासन देकर हड़ताल को खत्म करवा दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उन्हें बहुत उम्मीद थी कि जो मांग उनकी अब तक पूरी नहीं हुई है, वे अब पूरी हो पाएगी। लेकिन आज तक सफाई कर्मचारियों की इस पुरानी मांग को अनदेखा किया गया।
इस बीच वह लोग कई बार लोकल स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक सहित अन्य अधिकारियों तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बाद बनी नई सरकार से भी उनकी उम्मीद थी कि सरकार सफाई कर्मचारियों को नियमित किए जाने की घोषणा करेगी लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उनकी समस्या के प्रति सरकार की लगातार अनदेखी उन्हें कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर करती है।
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अब उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है जिसमें लखनपुर से लेकर बनिहाल तक की सभी कमेटियों के सफाई कर्मचारी शामिल हैं। सरकार सात साल का कार्यककाल पूरा कर चुके सफाई कर्मचारियों को पक्का करने के साथ उनकी अन्य मांगों को पूरा करे। प्रदर्शन में अशोक कुमार विलियम मसीह, राजन, कृष्ण चंद, दीपक कुमार, विक्की कुमार, दर्शन लाल, सोहन लाल आदि शामिल रहे।
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दो दिनों से शहर से नहीं उठा कचरा
प्रतिदिन करीब 40 टन कचरा उगलने वाले कठुआ शहर में दो दिनों से सफाई न होने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे बनाए गए डंपिंग प्वांइटों पर जमा कचरा शहर की सूरत को बिगाड़ रहा है। वहीं, कई स्थानों पर संकरी गलियों में लगा कचरे का ढेर आने-जाने वाले लोगों के परेशानी का सबब बन रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति पूरी तरह से गलियों में स्थित शहर के मुख्य बाजार की है। इसके साथ लगने वाली वार्ड पांच, छह और सात की हालत भी ठीक नहीं है। घनी आबादी वाले इन वार्ड में अगर इसी तरह से कचरे का ढेर बढ़ता रहा तो लोगों के गुजरने के लिए स्थान ही नहीं बचेगा। वहीं इससे पैदा होने वाले मक्खी-मच्छर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सरकार के स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने वाले सफाई कर्मचारियों ने उन्हें नियमित न किए जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को कठुआ नगर परिषद कार्यालय में नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोमराज ने कहा कि सफाई कर्मी पिछले करीब दो दशक से नियमित किए जाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन आज तक इनकी फरियाद सरकाराें के कानों तक नहीं पहुंच सकी है। अलबत्ता जब भी वे लोग अपनी मांग को लेकर हड़ताल का सहारा लेते हैं तो उन्हें आश्वासन देकर हड़ताल को खत्म करवा दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उन्हें बहुत उम्मीद थी कि जो मांग उनकी अब तक पूरी नहीं हुई है, वे अब पूरी हो पाएगी। लेकिन आज तक सफाई कर्मचारियों की इस पुरानी मांग को अनदेखा किया गया।
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इस बीच वह लोग कई बार लोकल स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक सहित अन्य अधिकारियों तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बाद बनी नई सरकार से भी उनकी उम्मीद थी कि सरकार सफाई कर्मचारियों को नियमित किए जाने की घोषणा करेगी लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उनकी समस्या के प्रति सरकार की लगातार अनदेखी उन्हें कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर करती है।
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अब उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है जिसमें लखनपुर से लेकर बनिहाल तक की सभी कमेटियों के सफाई कर्मचारी शामिल हैं। सरकार सात साल का कार्यककाल पूरा कर चुके सफाई कर्मचारियों को पक्का करने के साथ उनकी अन्य मांगों को पूरा करे। प्रदर्शन में अशोक कुमार विलियम मसीह, राजन, कृष्ण चंद, दीपक कुमार, विक्की कुमार, दर्शन लाल, सोहन लाल आदि शामिल रहे।
दो दिनों से शहर से नहीं उठा कचरा
प्रतिदिन करीब 40 टन कचरा उगलने वाले कठुआ शहर में दो दिनों से सफाई न होने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे बनाए गए डंपिंग प्वांइटों पर जमा कचरा शहर की सूरत को बिगाड़ रहा है। वहीं, कई स्थानों पर संकरी गलियों में लगा कचरे का ढेर आने-जाने वाले लोगों के परेशानी का सबब बन रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति पूरी तरह से गलियों में स्थित शहर के मुख्य बाजार की है। इसके साथ लगने वाली वार्ड पांच, छह और सात की हालत भी ठीक नहीं है। घनी आबादी वाले इन वार्ड में अगर इसी तरह से कचरे का ढेर बढ़ता रहा तो लोगों के गुजरने के लिए स्थान ही नहीं बचेगा। वहीं इससे पैदा होने वाले मक्खी-मच्छर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।