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Kathua News: सीमावर्ती महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीएसएफ ने की पहल
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चक देबो में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में युवतियों को कपड़े सिलना सिखाते बीएसएफ के प्रशिक्षक। - सं
- आईबी से सटे गांव चक देबो में कपड़े सिलाई प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत स्किल डेवलपमेंट स्टिचिंग ट्रेंनिंग शिविर का आयोजन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे गांव चक देबो में किया गया। यह शिविर 15 दिनों तक चलेगा।
इस शिविर में क्षेत्र की महिलाओं को कपड़े की कटिंग से लेकर उनकी सिलाई तक का पूरा काम सिखाया जाएगा और प्रशिक्षित होने के बाद महिलाओं को सिलाई मशीनें दी जाएंगी।प्रशिक्षण का आयोजन बीएसएफ की 107 वाहिनी की ओर से किया गया, जिसमें कमांडेंट एन सी प्रगयायन विशेष तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने शिविर का उद्घाटन किया। कमांडेंट ने बताया कि स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत यह कैंप आयोजित किया गया है, इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र और खासतौर पर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भरता के लिए सक्षम बनाने के लिए किया गया है। यहां से जो महिलाएं कपड़े सीना सीखेंगी वह अपने कपड़ों पर खर्च होने वाली सिलाई का खर्च तो बचाएंगी ही इसके अलावा वह इसे व्यवसाय के तौर पर भी आगे बढ़ा सकते हैं।
वहीं कार्यक्रम में पहुंची स्थानीय महिलाओं ने कहा यह प्रशिक्षण शिविर इस इलाके की महिलाओं और लड़कियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इसके लिए उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।
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हीरानगर। सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत स्किल डेवलपमेंट स्टिचिंग ट्रेंनिंग शिविर का आयोजन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे गांव चक देबो में किया गया। यह शिविर 15 दिनों तक चलेगा।
इस शिविर में क्षेत्र की महिलाओं को कपड़े की कटिंग से लेकर उनकी सिलाई तक का पूरा काम सिखाया जाएगा और प्रशिक्षित होने के बाद महिलाओं को सिलाई मशीनें दी जाएंगी।प्रशिक्षण का आयोजन बीएसएफ की 107 वाहिनी की ओर से किया गया, जिसमें कमांडेंट एन सी प्रगयायन विशेष तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने शिविर का उद्घाटन किया। कमांडेंट ने बताया कि स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत यह कैंप आयोजित किया गया है, इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र और खासतौर पर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भरता के लिए सक्षम बनाने के लिए किया गया है। यहां से जो महिलाएं कपड़े सीना सीखेंगी वह अपने कपड़ों पर खर्च होने वाली सिलाई का खर्च तो बचाएंगी ही इसके अलावा वह इसे व्यवसाय के तौर पर भी आगे बढ़ा सकते हैं।
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वहीं कार्यक्रम में पहुंची स्थानीय महिलाओं ने कहा यह प्रशिक्षण शिविर इस इलाके की महिलाओं और लड़कियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इसके लिए उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।
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