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मानवता के लिए कल्याणकारी है श्रीमद्भगवत कथा: आदियोगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड 19 स्थित आदियोगी आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा जारी है। बावा लाल दयाल जी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य हो रहे आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। सोमवार को कथा व्यास आदियोगी गौतम महाराज ने भगवत कथा पर प्रकाश डाला। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानवता के लिए कल्याणकारी है।
आदियोगी ने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित के जन्म का वृतांत सुनाते हुए कहा कि भक्त को ईश्वर के श्री चरणों से निष्काम प्रेम करना चाहिए। जिस प्रकार से नारद जी को भगवान के चरणों से निस्वार्थ प्रेम था और भगवान का सानिध्य प्राप्त किया। जब 17 पुराणों का अध्ययन करने के बाद भी व्यास जी को संतोष नहीं हुआ तो नारद जी ने उन्हें भगवत का विस्तार करने की प्रेरणा व्यास जी को दी।
कथाव्यास ने कहा कि यह संसार मिथ्या है। इस संसार में रहने वाला मनुष्य जीवन में परमात्मा से नश्वर वस्तु को मांगता है और फिर दुख भोगता है। भागवत कथा भक्ति का उपदेश देती है क्योंकि इसी से सभी जीवों का कल्याण संभव है।
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कठुआ। शहर के वार्ड 19 स्थित आदियोगी आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा जारी है। बावा लाल दयाल जी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य हो रहे आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। सोमवार को कथा व्यास आदियोगी गौतम महाराज ने भगवत कथा पर प्रकाश डाला। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानवता के लिए कल्याणकारी है।
आदियोगी ने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित के जन्म का वृतांत सुनाते हुए कहा कि भक्त को ईश्वर के श्री चरणों से निष्काम प्रेम करना चाहिए। जिस प्रकार से नारद जी को भगवान के चरणों से निस्वार्थ प्रेम था और भगवान का सानिध्य प्राप्त किया। जब 17 पुराणों का अध्ययन करने के बाद भी व्यास जी को संतोष नहीं हुआ तो नारद जी ने उन्हें भगवत का विस्तार करने की प्रेरणा व्यास जी को दी।
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कथाव्यास ने कहा कि यह संसार मिथ्या है। इस संसार में रहने वाला मनुष्य जीवन में परमात्मा से नश्वर वस्तु को मांगता है और फिर दुख भोगता है। भागवत कथा भक्ति का उपदेश देती है क्योंकि इसी से सभी जीवों का कल्याण संभव है।
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