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Kathua News: शराब के अवैध कारोबार के मामले में आरोपी आठ साल बाद बरी
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विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने आठ साल पुराने आबकारी मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका। मामला वर्ष 2017 का है। आरोपी को पुलिस ने 20 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था।
पुलिस की कोर्ट में दायर रिपोर्ट के मुताबिक मामला 13 नवंबर 2017 का है। जिसमें नगरी पुलिस चौकी के अंतर्गत इलाके चक द्राब खान में छापेमारी कर आरोपी बलवीर चंद के कब्जे से 20 लीटर शराब एक प्लास्टिक की गैलन से बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कर चालान को कोर्ट में 25 जनवरी 2018 को पेश किया गया था। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र तय किए गए। जिसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने की पेशकश की गई थी।
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश गया। 7 गवाहों में से केवल चार को ही पेश किया गया। सभी गवाह पुलिसकर्मी थे। कोर्ट ने गवाही में विरोधाभास पाया।
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एफएसएल रिपोर्ट देने वाले रासायनिक विशेषज्ञ को अदालत में पेश नहीं किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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पुलिस की कोर्ट में दायर रिपोर्ट के मुताबिक मामला 13 नवंबर 2017 का है। जिसमें नगरी पुलिस चौकी के अंतर्गत इलाके चक द्राब खान में छापेमारी कर आरोपी बलवीर चंद के कब्जे से 20 लीटर शराब एक प्लास्टिक की गैलन से बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कर चालान को कोर्ट में 25 जनवरी 2018 को पेश किया गया था। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र तय किए गए। जिसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने की पेशकश की गई थी।
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कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश गया। 7 गवाहों में से केवल चार को ही पेश किया गया। सभी गवाह पुलिसकर्मी थे। कोर्ट ने गवाही में विरोधाभास पाया।
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एफएसएल रिपोर्ट देने वाले रासायनिक विशेषज्ञ को अदालत में पेश नहीं किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।