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न्यूट्रीशन की जिम्मेदारी स्थानीय सरपंचों पर
Kathua
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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हीरानगर। अगर आप सरपंच हैं और आपकी पंचायत में दो तीन आंगनबाड़ी केंद्र हैं, तो न्यूट्रीशन उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी मात्र सीडीपीओ की नहीं है।
सीडीपीओ घगवाल तथा प्रोग्राम आफिसर कठुआ की मानें, तो इसके लिए सरपंच भी जिम्मेदार है। हुआ यूं की कूटा के सरपंच कांत कुमार शर्मा ने आरटीआई के अंतर्गत सडीपीओ घगवाल से जवाब मांगा था कि उनके गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दो माह तक न्यूट्रीशन क्यों उपलब्ध नहीं करवाई गई, साथ ही उपरोक्त गैप के लिए कौैन जिम्मेदार है।
आरटीआई के जवाब में उपरोक्त दोनों अधिकारियों ने उल्टा चोर कोतवाल को डांटें की कहावत को चरितार्थ करते हुए सरपंच को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि एकीकृत बाल विकास योजना के अनुसार विभाग स्कूल एजूकेशन, स्वास्थ्य निरीक्षण, सप्लीमेंट्री, न्यूट्रीशन तथा स्वस्थ शिक्षा उपलब्ध करवाता है। अगर विभाग कभी सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन उपलब्ध करवाने में असफल रहे, तो सामूहिक भागीदारी के चलते स्थानीय सरपंच की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को स्थानीय स्तर पर न्यूट्रीशन उपलब्ध करवाए।
सरपंच कांत कुमार ने प्रोग्राम ऑफिसर कठुआ से उपरोक्त निर्देश की कापी मांगी है। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि अपनी कमजोरी सामने आते ही विभाग के अधिकारी रंग बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जवाब में इन अधिकारियों ने लिखा है की सरपंच को सरकार ने यह जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि सरपंच ने कहा कि उपरोक्त अधिकारी सरकार के नौकर हैं, वे नहीं। सरपंच ने बताया की वो शीघ्र ही विभाग के ऐसे कारनामों का पर्दाफाश करेंगे।
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सीडीपीओ घगवाल तथा प्रोग्राम आफिसर कठुआ की मानें, तो इसके लिए सरपंच भी जिम्मेदार है। हुआ यूं की कूटा के सरपंच कांत कुमार शर्मा ने आरटीआई के अंतर्गत सडीपीओ घगवाल से जवाब मांगा था कि उनके गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दो माह तक न्यूट्रीशन क्यों उपलब्ध नहीं करवाई गई, साथ ही उपरोक्त गैप के लिए कौैन जिम्मेदार है।
आरटीआई के जवाब में उपरोक्त दोनों अधिकारियों ने उल्टा चोर कोतवाल को डांटें की कहावत को चरितार्थ करते हुए सरपंच को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि एकीकृत बाल विकास योजना के अनुसार विभाग स्कूल एजूकेशन, स्वास्थ्य निरीक्षण, सप्लीमेंट्री, न्यूट्रीशन तथा स्वस्थ शिक्षा उपलब्ध करवाता है। अगर विभाग कभी सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन उपलब्ध करवाने में असफल रहे, तो सामूहिक भागीदारी के चलते स्थानीय सरपंच की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को स्थानीय स्तर पर न्यूट्रीशन उपलब्ध करवाए।
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सरपंच कांत कुमार ने प्रोग्राम ऑफिसर कठुआ से उपरोक्त निर्देश की कापी मांगी है। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि अपनी कमजोरी सामने आते ही विभाग के अधिकारी रंग बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जवाब में इन अधिकारियों ने लिखा है की सरपंच को सरकार ने यह जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि सरपंच ने कहा कि उपरोक्त अधिकारी सरकार के नौकर हैं, वे नहीं। सरपंच ने बताया की वो शीघ्र ही विभाग के ऐसे कारनामों का पर्दाफाश करेंगे।
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