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अवकाश के दिन का मेहनताना काटने पर फूटा गुस्सा
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:08 AM IST
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हीरानगर। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के अधीन काम करने वाले मजदूरों ने सांझी मोड़ पर बीआरओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया। मजदूर वेतन में से रविवार के अवकाश के दिन का पैसा काटने से भड़के हु़ए थे। बुधवार सुबह भवन निर्माण कामगार यूनियन के बैनर तले 10 बजे शुरू हुआ यह धरना रात में भी जारी रहा।
यूनियन नेता कामरेड राजकुमार ने कहा कि बीआरओ में काम करने वाले मजदूरों रविवार की छुट्टी के जो पैसे काटे गए हैं वे उन्हें लौटाए जाएं। विभाग में स्थायी नौकरी के लिए सीपीएल वर्करों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर अपना हक मानते हैं, उनको बीआरओ परेशान करता है। विभाग ने जहां भी निर्माण कार्य शुरू किया है, वहां मजदूरों को संतरी की ड्यूटी भी दी जाती है, नियम के मुताबिक संतरी की ड्यूटी सिर्फ स्थायी कर्मचारी ही दे सकता है। इसके बावजूद रात में ड्यूटी करने के लिए उन्हें टॉर्च तक उपलब्ध नहीं कराई जाती। राजकुमार ने बताया कि शाम करीब छह बजे ओसी ने उन्हें वीरवार को सांबा में मुख्यालय पहुंच कर बात करने की पेशकश की है। सुबह यूनियन की एक टीम वहां जाएगी और मजदूरों की मांगों पर विचार-विमर्श करेगी।
यूनियन नेता कामरेड राजकुमार ने कहा कि बीआरओ में काम करने वाले मजदूरों रविवार की छुट्टी के जो पैसे काटे गए हैं वे उन्हें लौटाए जाएं। विभाग में स्थायी नौकरी के लिए सीपीएल वर्करों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर अपना हक मानते हैं, उनको बीआरओ परेशान करता है। विभाग ने जहां भी निर्माण कार्य शुरू किया है, वहां मजदूरों को संतरी की ड्यूटी भी दी जाती है, नियम के मुताबिक संतरी की ड्यूटी सिर्फ स्थायी कर्मचारी ही दे सकता है। इसके बावजूद रात में ड्यूटी करने के लिए उन्हें टॉर्च तक उपलब्ध नहीं कराई जाती। राजकुमार ने बताया कि शाम करीब छह बजे ओसी ने उन्हें वीरवार को सांबा में मुख्यालय पहुंच कर बात करने की पेशकश की है। सुबह यूनियन की एक टीम वहां जाएगी और मजदूरों की मांगों पर विचार-विमर्श करेगी।
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