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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu-Kashmir: Cancer Institute Jammu will be functional by March 2022, children who have missed vaccination in the next 3 to 4 months will be covered

जम्मू-कश्मीर: कैंसर संस्थान जम्मू मार्च 2022 तक होगा कार्यात्मक, अगले 3 से 4 माह में टीकाकरण से छूटे बच्चों को किया जाएगा कवर

Tue, 14 Dec 2021 12:28 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Tue, 14 Dec 2021 12:28 PM IST
सार

नए मेडिकल कालेजों का भी वित्त वर्ष के अंत तक काम पूरा होगा। प्रदेश में 94 फीसदी नवजात सरकारी संस्थानों में जन्म ले रहे हैं और विभाग को प्रत्येक बच्चे के टीकाकरण रिकार्ड को डिजिटल रूप में उपलब्ध करवाने पर काम करना चाहिए।

 

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Jammu-Kashmir: Cancer Institute Jammu will be functional by March 2022, children who have missed vaccination in the next 3 to 4 months will be covered
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

मुख्य सचिव डॉ अरुण कुमार मेहता ने कहा कि जम्मू कश्मीर ने राष्ट्रीय टीकाकरण अनुसूची के अनुसार बच्चों के टीकाकरण में 100 फीसदी कवरेज प्राप्त करने की दिशा में प्रगति की है। इसके साथ छूटे हुए बच्चों को अगले 3-4 महीने की अवधि में एक अभियान में कवर किया जाएगा। प्रदेश में 94 फीसदी नवजात सरकारी संस्थानों में जन्म ले रहे हैं और विभाग को प्रत्येक बच्चे के टीकाकरण रिकार्ड को डिजिटल रूप में उपलब्ध करवाने पर काम करना चाहिए। जिसमें डिजिलाकर एप्लिकेशन से निकाला जा सकता है। सभी नए मेडिकल कालेज मार्च 2022 के अंत तक पूरी तरह से कार्यात्मक बनाया जाए।

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एसकेआईएमएस श्रीनगर में कैंसर संस्थान की परियोजना शुरू हो चुकी है और जीएमसी जम्मू में इसी तरह के संस्थान को मार्च 2022 तक कार्यात्मक बनाया जाए। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए भौतिक व वित्तीय लक्ष्यों का जायजा लिया। उन्होंने मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों, निदेशकों को वेंटिलेटर, बेड, मानव संसाधन, आक्सीजन प्लांट, लिक्विड मेडिकल आक्सीजन जैसे चिकित्सा उपकरणों के संबंध में स्थिति रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करवाने को कहा।
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यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी योजनाओं के तहत भुगतान लाभार्थियों तक बैंक खातों से पहुंचाया जाए। यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस के तहत गोल्डन कार्डों का सौ फीसदी वितरण करने को कहा। लोगों को उपलब्ध करवाई जाने वाली स्वास्थ्य सेवा का स्तर मुंबई और चंडीगढ़ जैसे शहरों के बराबर होना चाहिए, ताकि विशेष स्वास्थ्य सेवा के लिए लोग बाहरी राज्यों का रुख न करें। 
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रेफर करने के मामले में संबंधित डाक्टर का नाम दर्शाएं
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को एक आनलाइन हेल्थकेयर फीडबैक प्रणाली विकसित करने को कहा है, ताकि लोगों से फीडबैक लेकर सुधार किया जाए। रेफरल सिस्टम पर अंकुश लगाने के लिए अस्पतालों में एक उचित रेफरल प्रणाली होनी चाहिए, जिसमें मामले को रेफर करने वाले संबंधित डाक्टर का नाम दर्शाया जाए। सभी अस्पतालों में उच्च स्तर की स्वच्छता और साफ सफाई जरूरी है। अस्पतालों में रोगी प्रतीक्षा क्षेत्रों के लिए सीएबी के अनुरूप एक प्रणाली विकसित की जाए। अस्पतालों में मरीज के साथ आने वाली तीमारदारों की भीड़ पर भी नियंत्रण किया जाए। 

कम उपयोग वाले उपकरणों की एक सप्ताह में रिपोर्ट दें
मुख्य सचिव ने संबंधित निदेशकों को कम उपयोग में आने वाले चिकित्सा उपकरणों की एक सप्ताह के भीतर प्रशासनिक विभाग को एक रिपोर्ट देने को कहा है। अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।

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