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क्यों पोकरण की रेत चुराने का प्रयास कर रहा है पाकिस्तान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 25 May 2017 02:45 PM IST
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फाइल फोटो।
पोकरण में 19 साल पहले हुए सफल परमाणु परीक्षण के बाद से पड़ौसी पाकिस्तान बेचैन है। पाकिस्तान परीक्षण के के बाद से ही पोकरण की उस रेत को समय—समय पर चुराने का प्रयास करता है जिस पर सफल परमाणु परीक्षण किया गया था।
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गम्भीर तथ्य है कि पोकरण की रेत को चुराने की बात समय—समय पर पकड़े जाने वाले पाक जासूसों ने स्वीकारी है। सुरक्षा एजेंसियों को भी जासूसे पूछताछ में इसका कारण पता चला है। दरअसल पाक परमाणु कार्यक्रम से जुड़े वैज्ञानिक जानना चाहते है कि पोकरण की रेत में क्या खास बात है कि वहां किए परीक्षण सफल रहें है? वहीं दूसरी ओर पोकरण में जहां परीक्षण किए गए वहां तक पहुंचना नामुमकिन माना जाता है। क्योंकि भारतीय सेना ने उस स्थान से करीब चार किलोमीटर पूर्व ही सुरक्षा गेट बना रखे हैं।
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जानकारी के अनुसार परीक्षण स्थल तक पहुंचने के लिए चार गेटों को पार करना जरुरी है। परीक्षण स्थल तक जाने की किसी को अनुमति नहीं है। गौरतलब है कि 11 मई 1998 को जब पोकरण में परमाणु परीक्षण किए गए थे तब उनकी भनक अमेरिका की खूफिया एजेंसी सीआईए तक को नही लग सकी थी।
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बताया जाता है वर्ष 1998 में परमाणु परीक्षण से पहले मिसाइल मैन के नाम से जाने वाले भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम अपने कुछ वैज्ञानिकों के साथ गुप्त तौर पर वहां रहे थे। इस दौरान उन्होंने जगह चिह्नित की थी, जहां ये परीक्षण सफल रहा।
इन दिनों पोकरण एक बार फिर से हॉवित्जर तोपों के परीक्षण को लेकर चर्चा में है। बस तोपों की गूंज के साथ पोकरण का नाम फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजेगा।