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Una News: जब अंधड़ ने मचाई तबाही तो ठेकेदारों की लेबर काम आई
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लेबर न होती तो एक हफ्ते में भी बहाल नहीं होती बिजली सप्लाई
विद्युत विभाग में फील्ड स्टाफ की भारी कमी, 80 फीसदी सप्लाई बहाल
बीते पांच साल में विभाग में काम का बोझ तीन गुना बढ़ा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। अंधड़ और बारिश विद्युत बोर्ड के लिए मुसीबत लेकर आई। ऊना जिला में बुधवार देर शाम अंधड़ से विद्युत बोर्ड को भारी नुकसान हुआ। साथ ही अनेक विद्युत उपमंडलों के तहत आते गांवों, कस्बों में ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो गई। काफी मशक्कत के बाद शुक्रवार शाम तक अधिकतर क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई बहाल की जा सकी। महज दो दिन में ही विद्युत सप्लाई बहाल करने के पीछे ठेकेदारों की लेबर का बहुत बड़ा योगदान रहा। ठेकेदारों की लेबर बोर्ड का हाथ न बंटाती तो एक सप्ताह तक भी लोगों के घर रोशन न हो पाते। विभागीय सूत्रों के अनुसार बीते पांच साल में बोर्ड में तीन गुना काम का बोझ बढ़ चुका है, लेकिन फील्ड में स्टाफ की भारी कमी हो गई है। पांच वर्ष पूर्व जहां 10 से 12 लोग फील्ड स्टाफ में कार्यरत थे वहां अब 1 से 2 कर्मचारी ही बचे हैं। ऊना विद्युत डिवीजन में वर्तमान में 1450 ट्रांसफार्मर हैं तथा ऊना तथा कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र का बोझ महज चंद कर्मचारियों के कंधों पर है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के चुनाव हलके में यहां 5 वर्ष पूर्व महज 200 ट्रांसफार्मर थे, उनकी संख्या अब बढ़कर साढ़े छह सौ तक पहुंच चुकी है, लेकिन फील्ड स्टाफ में कोई वृद्धि नहीं की गई। ऐसे में जब अंधड़ ने तबाही मचाई तो हर विद्युत डिवीजन में ठेकेदारों की लेबर ही काम आई। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड में न केवल फील्ड स्टाफ की भारी कमी पाई जा रही है, बल्कि दफ्तरों में बाबू भी नहीं है। दफ्तरी कामकाज भी खासा प्रभावित हो रहा है। स्टाफ की कमी के चलते बजे के बाद कोई विद्युत संबंधी शिकायत नहीं की जा सकती। 5 वर्ष पूर्व ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। रात्रि में भी विद्युत सप्लाई को दुरुस्त करने में फील्ड स्टाफ तैनात रहता था। व्यवस्था परिवर्तन का दावा करके सत्ता में आई सुक्खू सरकार को निश्चित तौर पर इस व्यवस्था को भी परिवर्तित करना होगा, ताकि विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को ठेकेदारों की लेबर पर ही निर्भर न होना पड़े।
बाक्स
ऊना विद्युत डिवीजन में अधिकतर क्षेत्रों में ठप विद्युत सप्लाई को बहाल कर दिया गया है। शुक्रवार को भी दिन भर हायर की गई लेबर लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हुई थी।
यशविंदर सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत मंडल ऊना
बाक्स
हरोली विद्युत डिवीजन में 80 फीसदी विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई। शुक्रवार को भी दिन भर लाइनों को ठीक करने का काम किया गया। अधिकतर क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी।
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-राहुल पुरी अधिशासी अभियंता विद्युत मंडल हरोली
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विद्युत विभाग में फील्ड स्टाफ की भारी कमी, 80 फीसदी सप्लाई बहाल
बीते पांच साल में विभाग में काम का बोझ तीन गुना बढ़ा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। अंधड़ और बारिश विद्युत बोर्ड के लिए मुसीबत लेकर आई। ऊना जिला में बुधवार देर शाम अंधड़ से विद्युत बोर्ड को भारी नुकसान हुआ। साथ ही अनेक विद्युत उपमंडलों के तहत आते गांवों, कस्बों में ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो गई। काफी मशक्कत के बाद शुक्रवार शाम तक अधिकतर क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई बहाल की जा सकी। महज दो दिन में ही विद्युत सप्लाई बहाल करने के पीछे ठेकेदारों की लेबर का बहुत बड़ा योगदान रहा। ठेकेदारों की लेबर बोर्ड का हाथ न बंटाती तो एक सप्ताह तक भी लोगों के घर रोशन न हो पाते। विभागीय सूत्रों के अनुसार बीते पांच साल में बोर्ड में तीन गुना काम का बोझ बढ़ चुका है, लेकिन फील्ड में स्टाफ की भारी कमी हो गई है। पांच वर्ष पूर्व जहां 10 से 12 लोग फील्ड स्टाफ में कार्यरत थे वहां अब 1 से 2 कर्मचारी ही बचे हैं। ऊना विद्युत डिवीजन में वर्तमान में 1450 ट्रांसफार्मर हैं तथा ऊना तथा कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र का बोझ महज चंद कर्मचारियों के कंधों पर है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के चुनाव हलके में यहां 5 वर्ष पूर्व महज 200 ट्रांसफार्मर थे, उनकी संख्या अब बढ़कर साढ़े छह सौ तक पहुंच चुकी है, लेकिन फील्ड स्टाफ में कोई वृद्धि नहीं की गई। ऐसे में जब अंधड़ ने तबाही मचाई तो हर विद्युत डिवीजन में ठेकेदारों की लेबर ही काम आई। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड में न केवल फील्ड स्टाफ की भारी कमी पाई जा रही है, बल्कि दफ्तरों में बाबू भी नहीं है। दफ्तरी कामकाज भी खासा प्रभावित हो रहा है। स्टाफ की कमी के चलते बजे के बाद कोई विद्युत संबंधी शिकायत नहीं की जा सकती। 5 वर्ष पूर्व ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। रात्रि में भी विद्युत सप्लाई को दुरुस्त करने में फील्ड स्टाफ तैनात रहता था। व्यवस्था परिवर्तन का दावा करके सत्ता में आई सुक्खू सरकार को निश्चित तौर पर इस व्यवस्था को भी परिवर्तित करना होगा, ताकि विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को ठेकेदारों की लेबर पर ही निर्भर न होना पड़े।
बाक्स
ऊना विद्युत डिवीजन में अधिकतर क्षेत्रों में ठप विद्युत सप्लाई को बहाल कर दिया गया है। शुक्रवार को भी दिन भर हायर की गई लेबर लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हुई थी।
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यशविंदर सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत मंडल ऊना
बाक्स
हरोली विद्युत डिवीजन में 80 फीसदी विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई। शुक्रवार को भी दिन भर लाइनों को ठीक करने का काम किया गया। अधिकतर क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी।
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-राहुल पुरी अधिशासी अभियंता विद्युत मंडल हरोली