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हिमाचल: मोबाइल अचानक हुआ काला, कुछ देर बाद खाते से गायब मिले 30 हजार; ऊना में साइबर ठगी से हड़कंप
Sun, 20 Sep 2026 11:06 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:06 AM IST
सार
ऊना जिले में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नंगल सलांगड़ी के एक व्यक्ति के मुताबिक उसका मोबाइल अचानक असामान्य तरीके से डार्क मोड में चला गया और करीब एक घंटे तक सामान्य नहीं हुआ। बाद में बैंक से संपर्क होने पर खाते से 30 हजार रुपये निकाले जाने का पता चला। पीड़ित ने तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत की और बैंक खाते बंद करवाए। पुलिस अब रकम निकाले जाने के तरीके की जांच कर रही है।
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साइबर ठगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर ठगी के मामले लगातार नए तरीके से सामने आ रहे हैं। ऊना जिले के नंगल सलांगड़ी में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के मोबाइल में अचानक आई गड़बड़ी के बाद उसके बैंक खाते से 30 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उसका मोबाइल अचानक सामान्य तरीके से काम करना बंद हो गया। मोबाइल की स्क्रीन काली दिखाई देने लगी और फोन में डार्क मोड जैसा बदलाव नजर आया। उसने फोन को बंद करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल बंद नहीं हुआ।
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करीब एक घंटे बाद फोन दोबारा सामान्य तरीके से काम करने लगा। इसके बाद पीड़ित को बैंक की ओर से संपर्क किया गया। बैंक ने खाते से हुई एक निकासी के बारे में जानकारी मांगी। पीड़ित ने जब स्पष्ट किया कि उसने ऐसा कोई लेन-देन नहीं किया है, तो उसे अपने खाते में किसी अनधिकृत गतिविधि का संदेह हुआ।
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खाते की जानकारी जांचने पर पता चला कि कुल 30 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद पीड़ित ने बिना समय गंवाए बैंक से संपर्क किया और अपने खाते बंद करवाए। साथ ही साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।
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पीड़ित ने बाद में साइबर अपराध पुलिस की ऊना इकाई में भी मामले की शिकायत दी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई और मोबाइल में आई असामान्य गतिविधि का इस घटना से कोई संबंध था या नहीं।
मोबाइल में आई गड़बड़ी ने बढ़ाई चिंता
इस मामले में मोबाइल का अचानक सामान्य तरीके से काम करना बंद कर देना सबसे अहम पहलू माना जा रहा है। हालांकि, केवल मोबाइल के डार्क मोड में चले जाने से ही यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बैंक खाते से हुई निकासी उसी वजह से हुई। इस संबंध में वास्तविक स्थिति पुलिस की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगी।
साइबर अपराध से जुड़े मामलों में ठग लोगों की बैंकिंग जानकारी तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में मोबाइल में अचानक कोई असामान्य बदलाव दिखाई देने, अनजान संदेश आने या बैंक खाते में किसी अपरिचित लेन-देन की जानकारी मिलने पर तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञ आम तौर पर सलाह देते हैं कि खाते से अनधिकृत रकम निकलने का पता चलते ही बैंक को सूचना दी जाए और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जाए। समय पर सूचना मिलने से लेन-देन को रोकने या रकम की बरामदगी की प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल ऊना पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पीड़ित के खाते से रकम किस तरीके से निकाली गई और मोबाइल में आई समस्या तथा बैंक खाते से हुए लेन-देन के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।
इस मामले में मोबाइल का अचानक सामान्य तरीके से काम करना बंद कर देना सबसे अहम पहलू माना जा रहा है। हालांकि, केवल मोबाइल के डार्क मोड में चले जाने से ही यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बैंक खाते से हुई निकासी उसी वजह से हुई। इस संबंध में वास्तविक स्थिति पुलिस की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगी।
साइबर अपराध से जुड़े मामलों में ठग लोगों की बैंकिंग जानकारी तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में मोबाइल में अचानक कोई असामान्य बदलाव दिखाई देने, अनजान संदेश आने या बैंक खाते में किसी अपरिचित लेन-देन की जानकारी मिलने पर तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञ आम तौर पर सलाह देते हैं कि खाते से अनधिकृत रकम निकलने का पता चलते ही बैंक को सूचना दी जाए और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जाए। समय पर सूचना मिलने से लेन-देन को रोकने या रकम की बरामदगी की प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल ऊना पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पीड़ित के खाते से रकम किस तरीके से निकाली गई और मोबाइल में आई समस्या तथा बैंक खाते से हुए लेन-देन के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।