बहडाला में पेयजल के लिए हाहाकार
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क्षेत्र के गांव बहडाला में पेयजल को लेकर लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। हालत यह है कि लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। करीब 20 दिन में मोटर में तीसरी बार तकनीकी खराबी आने के कारण लोगों में विभाग के प्रति रोष है। स्थानीय लोगों राकेश वशिष्ट, संसार चंद, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, सुरेश कुमार, सूरत सिंह, अमित, दीपक चौधरी, श्याम लाल, कौशल्या देवी, राकेश, ज्योति लाल, मोती, यशपाल, पंकज चौधरी, विपिन राणा, रवि, राजन, प्रिंस, ज्ञान चंद आदि ने बताया कि करीब एक महीने से पूरेे गांव में पेयजल समस्या बनी हुई है।
पानी की सप्लाई नाम मात्र है। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तकनीकी खराबी का हवाला देकर अपना पल्लू झाड़ने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग को कई बार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद कोई हल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पीने का पानी न मिलने से उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 20 दिनों में ही पानी की सप्लाई तीन बार ठप हो गई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
वहीं, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राकेश वशिष्ट ने कहा कि आईपीएच विभाग बहडाला गांव में पेयजल समस्या को सुचारु करवाने में नाकाम साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी समस्या को गंभीर रूप से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने आईपीएच विभाग को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्या का हल न निकाला गया तो वे विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर हो जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी की होगी। उधर, आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता ई. मुकेश हीरां ने कहा कि समस्या उनके ध्यान में है। शीघ्र समस्या का हल कर दिया जाएगा।