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Una News: सिलाई के हुनर से संवारी जिंदगी, अमरीक कौर बनीं आत्मनिर्भर
Sun, 23 Aug 2026 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:29 PM IST
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अमरीक कौर, ऊना
मां से मिली प्रेरणा से 17 साल पहले शुरू किया कारोबार
30 हजार रुपये मासिक कमाई के साथ दो महिलाओं को दे रहीं रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास के दम पर ऊना की अमरीक कौर ने सिलाई के हुनर को रोजगार का मजबूत जरिया बना लिया है। करीब 17 साल पहले शुरू किया गया उनका छोटा सा कारोबार आज उनकी आत्मनिर्भरता का आधार बन चुका है। वह सिलाई और रेडीमेड कपड़ों के काम से प्रतिमाह करीब 30 हजार रुपये कमा रही हैं। साथ ही उन्होंने अपनी दुकान पर दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है।
अमरीक कौर ने दिल्ली से तीन वर्ष का आईटीआई कोर्स किया है। तकनीकी प्रशिक्षण हासिल करने के बाद उन्होंने अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इस सफर में उनकी मां सबसे बड़ी प्रेरणा रहीं। मां से मिली मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की सीख ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।
17 वर्ष पहले उन्होंने अपनी दुकान शुरू की। शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने हुनर को निखारा और काम को लगातार आगे बढ़ाया। आज सिलाई और रेडीमेड कपड़ों का कारोबार उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार है।
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अमरीक का कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए अवसर का इंतजार करने के बजाय अपने हुनर को रोजगार में बदलना चाहिए। सही प्रशिक्षण और मेहनत के बल पर महिलाएं खुद आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।
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30 हजार रुपये मासिक कमाई के साथ दो महिलाओं को दे रहीं रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास के दम पर ऊना की अमरीक कौर ने सिलाई के हुनर को रोजगार का मजबूत जरिया बना लिया है। करीब 17 साल पहले शुरू किया गया उनका छोटा सा कारोबार आज उनकी आत्मनिर्भरता का आधार बन चुका है। वह सिलाई और रेडीमेड कपड़ों के काम से प्रतिमाह करीब 30 हजार रुपये कमा रही हैं। साथ ही उन्होंने अपनी दुकान पर दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है।
अमरीक कौर ने दिल्ली से तीन वर्ष का आईटीआई कोर्स किया है। तकनीकी प्रशिक्षण हासिल करने के बाद उन्होंने अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इस सफर में उनकी मां सबसे बड़ी प्रेरणा रहीं। मां से मिली मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की सीख ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।
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17 वर्ष पहले उन्होंने अपनी दुकान शुरू की। शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने हुनर को निखारा और काम को लगातार आगे बढ़ाया। आज सिलाई और रेडीमेड कपड़ों का कारोबार उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार है।
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अमरीक का कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए अवसर का इंतजार करने के बजाय अपने हुनर को रोजगार में बदलना चाहिए। सही प्रशिक्षण और मेहनत के बल पर महिलाएं खुद आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।