फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Trust in 12-32-16 fertilizer despite being expensive, trend towards Nano did not increase

Una News: महंगी होने पर भी 12-32-16 खाद पर भरोसा, नैनो की ओर नहीं बढ़ा रुझान

Tue, 22 Apr 2025 05:21 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 22 Apr 2025 05:21 AM IST
विज्ञापन
Trust in 12-32-16 fertilizer despite being expensive, trend towards Nano did not increase
जिले के 80 फीसदी किसान अभी भी दानेदार खाद को ही बेहतर मान रहे
विज्ञापन


- बोले, तरल खाद पत्तियों के लिए प्रभावी, लेकिन उत्पादन के लिए नहीं

ऊना। गेहूं और आलू की फसलें खेतों से मंडियों तक पहुंचाने के साथ ही अब किसान मक्की की अगेती फसल और बैंगन, भिंडी, खीरा जैसी सब्जियों की तैयारियों में जुट गए हैं। इन फसलों की बिजाई में बीज के साथ खाद की भी आवश्यकता होती है। ऐसे में किसान खाद की भी खरीदारी कर रहे हैं। हाल ही में 12-32-16 एनपीके दानेदार खाद की कीमत में प्रति बोरी 300 रुपये की बढ़ोतरी होने के बावजूद किसान इसी खाद को तरजीह दे रहे हैं। जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद किसानों का नैनो खाद की तरफ रुझान कम है।
पहले 12-32-16 खाद की बोरी 1420 रुपये में मिलती थी, जो अब 1720 रुपये प्रति बोरी हो गई है। हालांकि, इसके विकल्प के तौर पर इफको की ओर से उपलब्ध नैनो तरल खाद की कीमत सिर्फ 600 रुपये प्रति बोतल है और इसका प्रभाव भी एक बोरी खाद के बराबर बताया जाता है।
विज्ञापन

इफको की ओर से नैनो तरल खाद के बारे जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम करवाए जा रहे। कई स्थानों पर ट्रायल पर फसलें तैयार करके दिखाई जा चुकी है। तरल खाद के छिड़काव के लिए ड्रोन तक जारी कर दिए गए हैं, जिनके माध्यम से चंद मिनटों में 10 कनाल भूमि पर छिड़काव किया जा सकता है। बावजूद इसके किसान तरल खाद का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं। 80 फीसदी किसानों का तर्क है कि नैनो खाद पत्तियों को विकसित करने में कारगर है। मगर अच्छी पैदावार के लिए बोरी वाली खाद ही बेहतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन




क्या कहते हैं किसान

दानेदार खाद बेशक महंगी, लेकिन असरदार भी है। तरल खाद ऊंचाई वाली फसलों के लिए बेहतर है। ड्रोन से इसका छिड़काव भी कारगर है। कभी-कभी इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। -विनोद कुमार



इफको को ओर से तरल खाद तो दी जाती है लेकिन वे अभी भी बोरी वाली खाद को ही प्राथमिकता देते हैं। तरल खाद की एक बोतल भी खरीदनी पड़ती है। दोनों खादों के नतीजे अच्छे हैं। -बलवीर चंद

तरल खाद का ड्रोन के छिड़काव कैसे करवाएं इसकी जानकारी नहीं है। कहां बुकिंग की जाती है, यह भी नहीं पता है। ऐसे में पारंपरिक दानेदार खाद का विकल्प ही सुगम और प्रभावी लगता है। -प्रेम चंद



तरल खाद का इस्तेमाल किया, लेकिन यह जमीन के बाहर तैयार होने वाले फसलों में ही ज्यादा असरदार रही। जड़नों में तैयार फसलों में इसका प्रभाव सीमित है। यह मैं अपने अनुभव के कह रहा हूं। -राहुल कुमार


सस्ती और प्रभावी है नैनो तरल खाद : माशूक

इफको ऊना के क्षेत्रीय प्रबंधक माशूक अहमद ने कहा कि नैनो तरल खाद का उपयोग बढ़ रहा है। यह किसानों के लिए सस्ता, प्रभावी और पर्यावरण हितैषी विकल्प है। नैनो तरल खाद के प्रति किसानों को जागरूक करते हुए लगातार कार्यक्रम किए जा रहे हैं। किसान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इफको कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed