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Una News: स्वां नदी ने किसानों की तोड़ी कमर, तटबंध के भीतर सैकड़ों कनाल भूमि बर्बाद

Thu, 21 Aug 2025 05:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Aug 2025 05:11 PM IST
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Swan river broke the back of the farmers, hundreds of kanals of land within the embankment wasted
नदी क्षेत्र में रेतीली जमीन पर किसान बड़े स्तर पर करते हैं आलू की खेती
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सितंबर माह की शुरुआत में होनी थी फसल की बिजाई
10 दिन पहले हुई बारिश से सारी तैयारियां रह गईं धरी

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में बुधवार को उफान पर आई स्वां नदी ने किसानों की कमर तोड़ दी। नदी के तटबंध के भीतर सैकड़ों कनाल भूमि पर किसान हर वर्ष आलू की खेती करते हैं और इससे अच्छी आमदनी अर्जित करते हैं लेकिन भारी बारिश के बाद बढ़े जलस्तर ने इस बार खेतों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। पानी के कटाव से खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है और फिलहाल आलू की बिजाई संभव नहीं लग रही। किसानों ने बताया कि उन्होंने आलू की बिजाई के लिए अधिकांश सामग्री खरीद ली थी, केवल बीज लेना बाकी था। वे मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक आई बाढ़ ने उनके खेत उजाड़ दिए। किसानों ने स्वीकार किया कि उनकी खेती नदी क्षेत्र के भीतर ही होती है, लेकिन अब तक पानी की मार इतनी नहीं हुई थी कि फसल न बोई जा सके। किसान देसराज, जितेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार, विनोद, हरपाल सैनी और सुरेंद्र ने बताया कि इस वर्ष हर फसल में उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। मक्की की फसल कमजोर रही और अब आलू की उम्मीद भी टूट गई। उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्र की रेतीली और ठंडी मिट्टी आलू के लिए बेहद उपयुक्त होती है, इसी कारण वे बड़े पैमाने पर यहां खेती करते हैं। मगर अब खेतों को दोबारा सही करने में समय और भारी खर्च लगेगा, इसलिए कुछ माह तक आलू की बिजाई संभव नहीं।

ऊना जिले में आलू की बिजाई अगस्त के अंत से सितंबर की शुरुआत तक होती है। इस बार भारी बारिश के चलते जमीन में जरूरत से ज्यादा नमी है, इसलिए किसानों को सितंबर के शुरुआती दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल किसान बीज की खरीद को लेकर योजना बना रहे हैं। कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने कहा कि नदी क्षेत्र में खेती करना किसानों का अपना जोखिम होता है। हालांकि, यहां आलू की फसल अच्छी होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां नुकसान हुआ है, वहां विभाग की टीम भेजकर आकलन किया जाएगा और राहत संबंधी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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