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नंगल खुर्द सहकारी सभा घोटाला : सचिव का एक और सहयोगी हरियाणा निवासी गिरफ्तार
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करोड़ों की रकम को क्रिप्टो करंसी में निवेश की आशंका
25 अगस्त को गिरफ्त में आए आरोपी सचिव को फिर पांच दिन की रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हरोली क्षेत्र की नंगल खुर्द सहकारी सभा में नौ करोड़ रुपये के गबन मामले में पुलिस ने सचिव विजय सिंह के एक और सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलदीप निवासी कैथल (हरियाणा) के रूप में हुई है। उसे शुक्रवार को ऊना लाया गया। इससे पहले गिरफ्तार किए गए सचिव विजय सिंह को भी शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। विजय सिंह को 25 अगस्त को टाहलीवाल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामला दर्ज होने के बाद वह मार्च 2025 से फरार चल रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गबन की गई राशि का बड़ा हिस्सा क्रिप्टो करंसी में निवेश किया हुआ है। अब पुलिस अन्य साथियों की तलाश में जांच को आगे बढ़ा रही है।
यह मामला निरीक्षक सहकारी सभाएं भदसाली एवं अतिरिक्त कार्यभार खंड गगरेट उमेश कुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि नंगल खुर्द सहकारी सभा के निलंबित सचिव विजय सिंह ने सदस्यों की लगभग नौ करोड़ रुपये की राशि का दुरुपयोग किया। जांच के दौरान वह बार-बार अपनी गलती स्वीकार करते हुए रकम लौटाने के लिए समय मांगता रहा, लेकिन 10 मार्च 2025 की अंतिम समय सीमा बीतने के बाद भी उसने भुगतान नहीं किया और जांच में सहयोग से भी बचता रहा।
यह है पूरा मामला
यह गड़बड़ी अगस्त 2024 में सामने आई थी। सहकारी सभा की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों की अनियमितता उजागर हुई। सीए की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने दो सदस्यीय कमेटी गठित की, जिसमें जिला ऑडिट अधिकारी संदेश बाला और निरीक्षक उमेश कुमार शामिल थे। जांच के दौरान कांगड़ा सहकारी बैंक टाहलीवाल से मिले प्रमाणपत्रों में भी इस गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद सहकारी सभा कमेटी ने सचिव विजय सिंह को सस्पेंड कर दिया। विभाग ने सहकारी सभाएं अधिनियम 1968 की धारा 69 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जिम्मेदारी जिला निरीक्षक अधिकारी ऊना को सौंपी।
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पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि मामले में दूसरा आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के साथ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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25 अगस्त को गिरफ्त में आए आरोपी सचिव को फिर पांच दिन की रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हरोली क्षेत्र की नंगल खुर्द सहकारी सभा में नौ करोड़ रुपये के गबन मामले में पुलिस ने सचिव विजय सिंह के एक और सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलदीप निवासी कैथल (हरियाणा) के रूप में हुई है। उसे शुक्रवार को ऊना लाया गया। इससे पहले गिरफ्तार किए गए सचिव विजय सिंह को भी शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। विजय सिंह को 25 अगस्त को टाहलीवाल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामला दर्ज होने के बाद वह मार्च 2025 से फरार चल रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गबन की गई राशि का बड़ा हिस्सा क्रिप्टो करंसी में निवेश किया हुआ है। अब पुलिस अन्य साथियों की तलाश में जांच को आगे बढ़ा रही है।
यह मामला निरीक्षक सहकारी सभाएं भदसाली एवं अतिरिक्त कार्यभार खंड गगरेट उमेश कुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि नंगल खुर्द सहकारी सभा के निलंबित सचिव विजय सिंह ने सदस्यों की लगभग नौ करोड़ रुपये की राशि का दुरुपयोग किया। जांच के दौरान वह बार-बार अपनी गलती स्वीकार करते हुए रकम लौटाने के लिए समय मांगता रहा, लेकिन 10 मार्च 2025 की अंतिम समय सीमा बीतने के बाद भी उसने भुगतान नहीं किया और जांच में सहयोग से भी बचता रहा।
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यह है पूरा मामला
यह गड़बड़ी अगस्त 2024 में सामने आई थी। सहकारी सभा की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों की अनियमितता उजागर हुई। सीए की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने दो सदस्यीय कमेटी गठित की, जिसमें जिला ऑडिट अधिकारी संदेश बाला और निरीक्षक उमेश कुमार शामिल थे। जांच के दौरान कांगड़ा सहकारी बैंक टाहलीवाल से मिले प्रमाणपत्रों में भी इस गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद सहकारी सभा कमेटी ने सचिव विजय सिंह को सस्पेंड कर दिया। विभाग ने सहकारी सभाएं अधिनियम 1968 की धारा 69 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जिम्मेदारी जिला निरीक्षक अधिकारी ऊना को सौंपी।
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पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि मामले में दूसरा आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के साथ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।