{"_id":"67c31e51575c34a65c086700","slug":"infertility-of-animals-causes-huge-loss-to-dairy-farming-parmar-una-news-c-93-1-una1002-147448-2025-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेयरी फार्मिंग को बड़े नुकसान के लिए पशुओं का बांझपन कारण : परमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेयरी फार्मिंग को बड़े नुकसान के लिए पशुओं का बांझपन कारण : परमार
विज्ञापन
बोले- पशुओं में दूध देने के दस से तीस प्रतिशत मामले बांझपन और प्रजनन विकारों से प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। दुधारू पशुओं में आने वाले बांझपन और प्रजनन विकारों को लेकर शनिवार को विकास खंड गगरेट के खुठेड़ा जसवालां गांव में पशुपालन विभाग की ओर एक शिविर का आयोजन किया गया। पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ. दिनेश परमार, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. राकेश शर्मा व पशु चिकित्सक डाॅ. शुभम ठाकुर ने दुधारू पशुओं में आने वाले बांझपन विकारों को लेकर पशुपालकों को जागरूक किया और कई पशुओं की जांच कर उन्हें उपचार उपलब्ध करवाया। परमार ने कहा कि भारत में डेयरी फार्मिंग और डेयरी उद्योग में बड़े नुकसान के लिए पशुओं का बांझपन जिम्मेवार है। बांझ पशु को पालना पशुपालक के लिए आर्थिक नुकसान का कारण होता है। पशुओं में दूध देने के दस से तीस प्रतिशत मामले बांझपन और प्रजनन विकारों से प्रभावित हो सकते हैं। यह भी एक कारण है कि पशुपालक ऐसे पशुओं को चोरी से लावारिस छोड़ रहे हैं। इससे लावारिस पशुओं की समस्या भी गंभीर रूप धारण कर रही है। अच्छा प्रजनन और बछड़े के लिए यह जरूरी है कि दुधारू पशु की अच्छे से देखभाल हो। पशुपालन विभाग की टीम ने पशुओं का निरीक्षण कर उनकी बांझपन संबंधी समस्याओं को भी जांचा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। दुधारू पशुओं में आने वाले बांझपन और प्रजनन विकारों को लेकर शनिवार को विकास खंड गगरेट के खुठेड़ा जसवालां गांव में पशुपालन विभाग की ओर एक शिविर का आयोजन किया गया। पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ. दिनेश परमार, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. राकेश शर्मा व पशु चिकित्सक डाॅ. शुभम ठाकुर ने दुधारू पशुओं में आने वाले बांझपन विकारों को लेकर पशुपालकों को जागरूक किया और कई पशुओं की जांच कर उन्हें उपचार उपलब्ध करवाया। परमार ने कहा कि भारत में डेयरी फार्मिंग और डेयरी उद्योग में बड़े नुकसान के लिए पशुओं का बांझपन जिम्मेवार है। बांझ पशु को पालना पशुपालक के लिए आर्थिक नुकसान का कारण होता है। पशुओं में दूध देने के दस से तीस प्रतिशत मामले बांझपन और प्रजनन विकारों से प्रभावित हो सकते हैं। यह भी एक कारण है कि पशुपालक ऐसे पशुओं को चोरी से लावारिस छोड़ रहे हैं। इससे लावारिस पशुओं की समस्या भी गंभीर रूप धारण कर रही है। अच्छा प्रजनन और बछड़े के लिए यह जरूरी है कि दुधारू पशु की अच्छे से देखभाल हो। पशुपालन विभाग की टीम ने पशुओं का निरीक्षण कर उनकी बांझपन संबंधी समस्याओं को भी जांचा।