{"_id":"6aa6a9a7f6bf5e15010349b3","slug":"ops-should-be-implemented-across-the-country-rajan-sharma-una-news-c-93-1-una1002-205817-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरे देश में लागू हो ओपीएस : राजन शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरे देश में लागू हो ओपीएस : राजन शर्मा
Mon, 14 Sep 2026 07:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 14 Sep 2026 07:18 AM IST
विज्ञापन
गगरेट (ऊना)। हिमाचल प्रदेश लेक्चरर संघ के मुख्य मीडिया सचिव राजन शर्मा ने केंद्र सरकार से पूरे देश में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की मांग की है।
उन्होंने हिमाचल में कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू करने के प्रदेश सरकार के फैसले को कर्मचारी हित में सराहनीय कदम बताया। प्रेस बयान में राजन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग पूरी कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा दी है।
कई राज्यों में लागू की जा रही यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) ओपीएस का पूर्ण विकल्प नहीं है। यूपीएस में अंतिम वेतन की 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी के साथ कई शर्तें हैं, वहीं कर्मचारी योगदान और पेंशन फंड से जुड़े प्रावधान भी चिंता का विषय हैं।
विज्ञापन
25 वर्ष से कम सेवा पर वीआरएस से जुड़े प्रावधान, मेडिकल प्रतिपूर्ति का अभाव और व्यक्तिगत कॉर्पस को सरकार के पूल कॉर्पस में स्थानांतरित करने जैसी शर्तें कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। केंद्र सरकार को आधी-अधूरी व्यवस्था के बजाय पूरे देश में ओपीएस लागू करनी चाहिए।
राजन शर्मा ने हिमाचल के कर्मचारियों का एनपीएस में जमा पैसा प्रदेश सरकार को वापस करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि एनपीएस की राशि निकालने की प्रक्रिया जटिल है, जिससे कर्मचारी जरूरत के समय अपनी जमा पूंजी का आसानी से उपयोग नहीं कर पाते। केंद्र सरकार को कर्मचारियों के हित में इस मामले पर उचित निर्णय लेना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने हिमाचल में कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू करने के प्रदेश सरकार के फैसले को कर्मचारी हित में सराहनीय कदम बताया। प्रेस बयान में राजन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग पूरी कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा दी है।
विज्ञापन
कई राज्यों में लागू की जा रही यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) ओपीएस का पूर्ण विकल्प नहीं है। यूपीएस में अंतिम वेतन की 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी के साथ कई शर्तें हैं, वहीं कर्मचारी योगदान और पेंशन फंड से जुड़े प्रावधान भी चिंता का विषय हैं।
विज्ञापन
25 वर्ष से कम सेवा पर वीआरएस से जुड़े प्रावधान, मेडिकल प्रतिपूर्ति का अभाव और व्यक्तिगत कॉर्पस को सरकार के पूल कॉर्पस में स्थानांतरित करने जैसी शर्तें कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। केंद्र सरकार को आधी-अधूरी व्यवस्था के बजाय पूरे देश में ओपीएस लागू करनी चाहिए।
राजन शर्मा ने हिमाचल के कर्मचारियों का एनपीएस में जमा पैसा प्रदेश सरकार को वापस करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि एनपीएस की राशि निकालने की प्रक्रिया जटिल है, जिससे कर्मचारी जरूरत के समय अपनी जमा पूंजी का आसानी से उपयोग नहीं कर पाते। केंद्र सरकार को कर्मचारियों के हित में इस मामले पर उचित निर्णय लेना चाहिए।