ऊना। धुएं में घुलते सपनों के बीच अपना आशियाना जलता देख प्रवासी मजदूर बेबस और टूटा हुआ महसूस कर रहे थे। लालसिंगी में आग की लपटों में घिरी झुग्गियों को देखकर आंख में आंसू थे लेकिन इस बात का सुकून था कि बच्चे झुग्गियों से निकल गए थे और सकुशल थे।
उत्तर प्रदेश के मजदूर शुक्रवार सुबह स्थानीय क्षेत्र में गेहूं की कटाई के लिए निकल गए। घर में सिर्फ बच्चे ही थे। पूर्वाह्न करीब 11:50 बजे झुग्गियों में आग लगी। सूचना पर दौड़े चले आए। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों की हो रही थी। जैसे ही पहुंचे और बच्चों को देखा तो सुकून तो मिला लेकिन आशियाना जलने का गम भी था।
आंखों के सामने सारे 30 आशियाने जल गए। इसमें रखी नकदी, सामान, राशन, कपड़े आदि सब राख हो गया। आंखों में सिर्फ आंसू ही थे। आशियाने जलने से प्रवासी मजदूरों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। संवाद