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Una News: नोटिस के बाद हरकत में आई कंपनी विभाग के समक्ष रखी अपनी बात
Wed, 21 Oct 2026 12:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:09 AM IST
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ऊना। घंडावल स्थित बैंबू विलेज में उद्योग शुरू करने के लिए सुस्त पड़ी कंपनी नोटिस मिलने के बाद हरकत में आ गई है। नोटिस मिलने के बाद कंपनी प्रबंधन ने उद्योग विभाग के ऊना कार्यालय में पहुंच कर अपनी बात रखी है।
इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने उद्योग विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और नोटिस का जवाब भी दिया। कंपनी के संचालक महाराष्ट्र के पुणे में बांस से विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाली कंपनी में प्रशिक्षण लेंगे।
यहां बांस से टूथब्रश बनाने वाली मशीन चलाने की तकनीक सीखने के साथ अन्य उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन 24 अक्तूबर को पुणे के लिए रवाना होगा और दो से तीन दिनों का प्रशिक्षण लेकर वापस लौटेगा।
बीते कुछ महीनों से कंपनी बैंबू विलेज परियोजना के तहत घंडावल में स्थित उद्योग के संचालन को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाए हुए थी। कभी मशीन की बिजली की व्यवस्था तो कभी उद्योग में लगी मशीनों की मरम्मत की बात कह कर पिछले एक वर्ष से सुस्ती से कार्य कर रही थी।
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बता दें कि कल्पकार एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड को पांच अक्तूबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। विभाग ने पूछा था कि करार होने और परियोजना का पोजेशन मिलने के बावजूद अब तक उत्पादन क्यों शुरू नहीं किया गया।
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इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने उद्योग विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और नोटिस का जवाब भी दिया। कंपनी के संचालक महाराष्ट्र के पुणे में बांस से विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाली कंपनी में प्रशिक्षण लेंगे।
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यहां बांस से टूथब्रश बनाने वाली मशीन चलाने की तकनीक सीखने के साथ अन्य उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन 24 अक्तूबर को पुणे के लिए रवाना होगा और दो से तीन दिनों का प्रशिक्षण लेकर वापस लौटेगा।
बीते कुछ महीनों से कंपनी बैंबू विलेज परियोजना के तहत घंडावल में स्थित उद्योग के संचालन को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाए हुए थी। कभी मशीन की बिजली की व्यवस्था तो कभी उद्योग में लगी मशीनों की मरम्मत की बात कह कर पिछले एक वर्ष से सुस्ती से कार्य कर रही थी।
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बता दें कि कल्पकार एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड को पांच अक्तूबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। विभाग ने पूछा था कि करार होने और परियोजना का पोजेशन मिलने के बावजूद अब तक उत्पादन क्यों शुरू नहीं किया गया।