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Una News: 19 में से पांच मामले तथ्यों के विपरीत, एससी-एसटी अधिनियम की धाराएं हटाईं

Tue, 31 Dec 2024 06:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2024 06:48 PM IST
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Five out of 19 cases contrary to facts, sections of SC-ST Act removed
9 मामलों में जारी की 12 लाख की राहत राशि : जतिन लाल
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जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ज़िला ऊना में एससी-एसटी अधिनियम के तहत इस वर्ष जनवरी से नवंबर माह के अंत तक 19 मामले पंजीकृत हुए। जांच के बाद पुलिस की ओर से 5 मामलों में एससी-एसटी अधिनियम की धारा हटा दी गई है। पांच मामले तथ्यों से विपरीत पाए जाने की सूरत में कार्रवाई की गई है। अब तक 9 मामलों में पीड़ितों को 12 लाख की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। शेष पर कार्रवाई जारी है। डीसी ऊना जतिन लाल ने जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की त्रैमासिक बैठक की मंगलवार को अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति के लोगों को समाज में समानता का अधिकार दिलाने, जातिगत भेदभाव और अत्याचार निवारण को लेकर यह कमेटी गठित की गई है। इस अधिनियम के तहत सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित को कानूनी संरक्षण और पुनर्वास राहत राशि के रूप में एक लाख से 8 लाख 25 हजार रुपये तक की धनराशि देने का प्रावधान है। प्रथम किस्त एफआईआर होने पर, दूसरी मामला न्यायालय में प्रस्तुत होने और शेष राशि का भुगतान फैसला आने पर किया जाता है।


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पीड़ितों को तत्परता से न्याय दिलाने को प्राथमिकता दें : बबलू
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार एससी-एसटी वर्ग के अधिकारों के प्रति सजग हैं और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस वर्ग के कल्याणार्थ चलाई योजनाओं को बड़े प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एससी-एसटी अधिनियम के तहत अत्याचार का संपूर्ण निवारण और पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाने को प्राथमिकता दें तथा इस अधिनियम अंतर्गत पंजीकृत मामलों को गंभीरता से लें और त्वरित निदान के लिए प्रतिबद्धता सुनिश्चित करें।
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