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Una News: अंब-गगरेट योजना क्षेत्र के लिए टीसीपी के नियमों में बदलाव करने की मांग
Thu, 27 Aug 2026 12:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:24 AM IST
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अंब (ऊना)। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (टीसीपी) द्वारा अंब-गगरेट योजना क्षेत्र के लिए तय किए गए कड़े नियमों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष है।
वर्ष 2018 में लागू किए गए इन नियमों के कारण लोगों को अपने घरों के नक्शे पास करवाने और नए निर्माण कार्यों को शुरू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना क्षेत्र में लागू 60 : 40 के अनुपात और निर्माण संबंधी विभिन्न बंदिशों के चलते कई परिवार अपने मकान नहीं बना पा रहे हैं। इसके साथ ही 500 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले व्यावसायिक प्लॉटों में सेटबैक के सख्त नियम लागू किए गए हैं।
व्यावसायिक भूमि की कीमतें पहले से ही बहुत अधिक हैं और इस तरह के कड़े प्रावधानों के कारण भूमि मालिकों के पास निर्माण के लिए जरूरी जगह ही नहीं बचती, जिससे वे कोई भी व्यावसायिक निर्माण करने में असमर्थ हैं। इस समस्या को लेकर बलबीर सिंह, गुरदेव सिंह, संजीव कुमार, अरुण कुमार, अजय शर्मा, मंजीत सिंह, प्रदीप शर्मा, सतपाल, संजय कुमार, दविंद्र सिंह, राकेश सूद और मुकेश सूद सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने मंत्री राजेश धर्माणी, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक और स्थानीय योजना अधिकारी से इन नियमों में तुरंत राहत देने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन नियमों में जल्द से जल्द जरूरी संशोधन किए जाएं, ताकि लोगों के आवासीय और व्यावसायिक निर्माण कार्यों में आ रही रुकावट दूर हो सके।
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वर्ष 2018 में लागू किए गए इन नियमों के कारण लोगों को अपने घरों के नक्शे पास करवाने और नए निर्माण कार्यों को शुरू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना क्षेत्र में लागू 60 : 40 के अनुपात और निर्माण संबंधी विभिन्न बंदिशों के चलते कई परिवार अपने मकान नहीं बना पा रहे हैं। इसके साथ ही 500 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले व्यावसायिक प्लॉटों में सेटबैक के सख्त नियम लागू किए गए हैं।
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व्यावसायिक भूमि की कीमतें पहले से ही बहुत अधिक हैं और इस तरह के कड़े प्रावधानों के कारण भूमि मालिकों के पास निर्माण के लिए जरूरी जगह ही नहीं बचती, जिससे वे कोई भी व्यावसायिक निर्माण करने में असमर्थ हैं। इस समस्या को लेकर बलबीर सिंह, गुरदेव सिंह, संजीव कुमार, अरुण कुमार, अजय शर्मा, मंजीत सिंह, प्रदीप शर्मा, सतपाल, संजय कुमार, दविंद्र सिंह, राकेश सूद और मुकेश सूद सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने मंत्री राजेश धर्माणी, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक और स्थानीय योजना अधिकारी से इन नियमों में तुरंत राहत देने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन नियमों में जल्द से जल्द जरूरी संशोधन किए जाएं, ताकि लोगों के आवासीय और व्यावसायिक निर्माण कार्यों में आ रही रुकावट दूर हो सके।