फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   बेकाबू एचआरटीसी बस ने कुचला राहगीर

बेकाबू एचआरटीसी बस ने कुचला राहगीर

Thu, 09 Aug 2018 10:53 PM IST
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
बेकाबू एचआरटीसी बस ने कुचला राहगीर
परिवहन निगम की बेकाबू
विज्ञापन

बस ने कुचल दिया राहगीर
बंगाणा के कैहलवीं में दर्दनाक हादसा, पोती को बस में चढ़ाने आया था सतीश
40 मिनट तक बस के नीचे दबा रहा व्यक्ति, हमीरपुर से जालंधर रूट पर जा रही थी बस
अमर उजाला ब्यूरो
बंगाणा(ऊना)। बंगाणा उपमंडल के कैहलवीं में हमीरपुर से जालंधर जा रही एचआरटीसी बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान तनोह पंचायत के तहत घट्टी गांव निवासी 62 वर्षीय सतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शव का क्षेत्रीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मृतक हिमाचल पथ परिवहन निगम के ऊना डिपो से मैकेनिक के पद से करीब चार साल पहले सेवानिवृत्त हुआ था। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक सतीश वीरवार सुबह करीब सात बजे अपनी पोती को स्कूल बस में चढ़ाने के लिए घर से स्कूटी पर सड़क तक पहुंचा और स्कूटी को खड़ा कर स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे कि इसी दौरान लठियाणी की तरफ से आ रही एचआरटीसी बस का अचानक स्टीयरिंग फ्री हो गया और बेकाबू बस सड़क किनारे खड़े सतीश को बुरी तरह रौंदते हुए पहाड़ी से जा टकराई। सतीश 40 मिनट तक बस के नीचे फंसा रहा और बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उनको बस के नीचे से बाहर निकालने का कोई तरीका नजर नहीं आ रहा था। हाईवे से गुजर रहे ट्रैक्टर ने भी लिफ्ट के सहारे बस को आगे से उठाने की बहुत कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बस के नीचे जैक लगाने की भी जगह नहीं थी। आखिर बस का आगे बाईं ओर का टायर खोला गया, तब कहीं 40 मिनट के बाद बस के नीचे फंसे सतीश कुमार को बाहर निकालने में सफलता हाथ लगी। सतीश दर्द से चिल्ला रहे थे और उनकी दाईं टांग और दाईं बाजू चार-चार जगहों से टूट चुकी थीं। इसी बीच एंबुलेंस की हड़ताल के चलते बड़ी दिक्कत पेश आई, लेकिन घायल सतीश कुमार को एक ट्राले में सीएचसी बंगाणा और बाद में जिला अस्पताल ऊना ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें डॉक्टरों की ओर से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर अवस्था में पीजीआई के लिए रेफर कर दिया है, लेकिन कुछ ही क्षण में दर्द की तकलीफ को झेलते हुए सतीश कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ही दम तोड़ दिया। हादसे में स्कूल जा रही उनकी पांच साल की नन्हीं सी पोती भी बाल-बाल बच गई है। उधर एसएचओ प्रकाश चंद शर्मा ने कहा कि पुलिस हादसे के संदर्भ में केस दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन

बस का स्टीयरिंग फ्री होने से नहीं रहा नियंत्रण
बस चालक महेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे खड़े व्यक्ति को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बस का स्टीयरिंग फ्री हो जाने से उनका बस पर कोई नियंत्रण नहीं रहा था, जिसके चलते इस हादसे में सतीश की मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed