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नौकरी के झांसे में आसानी से फंस रहे पढ़े-लिखे बेरोजगार

Sun, 17 Jun 2018 10:17 PM IST
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:17 PM IST
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नौकरी के झांसे में आसानी से फंस रहे पढ़े-लिखे बेरोजगार

रविंद्र कुमार

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ऊना। अच्छी नौकरी पाने की चाहत में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा आसानी से झांसे में फंस रहे हैं। अकसर, युवाओं को ठगी का शिकार बनाने के मामले अकसर सामने आते रहते हैं। हालांकि, ठगी करने वाले गिरोह किसी न किसी तरह से युवाओं को नए से नए पैंतरों और अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बना ही लेते हैं। आज के समय में बेरोजगार युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर युवाओं को फंसाया जा रहा है।

इससे युवाओं की जेब को चपत लगने के साथ-साथ उनके भविष्य पर भी सवाल खड़ा हो जाता है। बेरोजगारों को ठगने के किस्से यह बताने के लिए काफी हैं कि नौकरी के नाम पर जालसाजी और ठगी का जाल किस कदर सक्रिय है। ऊना में रेलवे और फौज में नौकरी दिलाने के नाम पर एग्जाम करवाने का मामला सामने आने से कई सवाल उठ रहे हैं। जाहिर है कि ऐसे ठग गिरोह समाज में कई जगह सक्रिय है। यह मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। ऐसे ठग गिरोहों का युवाओं को फंसाने का सबसे आसान तरीका यह है कि युवाओं को सरकारी नौकरी का ऑफर दिया जाए। उन्हें बताया जाता है कि वह शख्स चुटकियों में ऊंची पहुंच वाले जानकार के जरिये जॉब दिलवा सकता है।
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भरोसा दिलाने के लिए कुछ ऐसे लोगों से भी मिलवाया जाता है जिनको वह शख्स कथित तौर पर जॉब दिलवा चुका है। ये सभी इसी गिरोह के सदस्य होते हैं। बाद में और भरोसा जीतने के लिए किसी प्राइवेट ऑफिस या होटल में तथाकथित बड़े अफसर से मिलवाने का नाटक भी किया जाता है। अमूमन यहीं पर अडवांस पेमेंट करने को कहा जाता है। पेमेंट फौरन करने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव भी डाला जाता है कि समय बहुत कम है और एक-दो दिनों में ही फैसला होना है। फौरन अडवांस में पेमेंट करें वरना मौका निकल जाएगा। लोग इस जाल में फंस जाते हैं और पेमेंट कर बैठते हैं। जानबूझकर ऐसे पदों और इतनी ज्यादा सैलरी का लालच दिया जाता है कि अचानक इनकार कर पाना आम आदमी के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में तो अप्वाइंटमेंट लेटर तक दिखाया जाता है जो नकली होता है।
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इसके बदले पैसा निकालना ज्यादा मुश्किल नहीं रह जाता। असलियत का पता काफी बाद में चल पता है लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी होती है। एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि ऐसे चालबाजों से सतर्क रहें। ईमानदारी और काबिलियत के आधार पर नौकरी हासिल करें। शार्टकट अपनाकर ठगी का शिकार न बनें। अगर कहीं कोई शक-शुबहा हो तो पुलिस की सहायता लें।

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