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घनारी में तीन गोवंश की संदिग्ध मौत
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:49 PM IST
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बाबा मौनी धाम के पास मिले मृत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो
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दौलतपुर चौक (ऊना)। घनारी के नजदीक बाबा मौनी धाम परिसर के पास तीन गौ धन की संदिग्ध मौत हो गई। इससे वहां गो प्रेमियों का जमघट लग गया। बुधवार दोपहर बाद डेरा अंबोआ के गद्दीनशीन बाबा राकेश शाह को किसी ने सूचना दी कि बाबा मौनी धाम के नजदीक दो बैल और एक गाय संदिग्ध रूप में मृत हैं। वहां से बदबू आ रही है।
जिस पर बाबा ने गौशाला कमेटी के पदाधिकारियों के माध्यम से गगरेट थाने में इसकी सूचना दी। बाबा राकेश शाह ने गोधन की संदिग्ध मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। बाबा मौनी कमेटी के प्रधान राजीव पराशर, बब्बू पराशर, अमन पराशर, एक मौका एक उम्मीद संस्था के सचिन, राजन जरियाल, हिंदू महासभा के अध्यक्ष नवीन धीमान, मनजीत सिंह, राकेश कुमार, दीपक पराशर ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बैलों के मुंह से खून बह रहा था। पेट फूले थे। सूचना मिलने पर शाम को थाना प्रभारी गगरेट चैन सिंह ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने इस बारे में स्थानीय लोगों बात की। पंचायत प्रतिनिधियों और गांव वासियों ने गोधन की मृत्यु पर किसी तरह का सवाल खड़ा न किए जाने पर सर्वसम्मति जताई। मृत गोधन को स्वां के किनारे दफनाने का फैसला लिया।
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थाना प्रभारी चैन सिंह ठाकुर ने बताया कि घनारी में दो बड़े बैल और एक गाय की संदिग्ध मौत पर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि किसी ने भी गोधन की मौत पर एफआईआर दर्ज नहीं करवाई। लोगों ने बताया और शुरुआती जांच से पता चला कि खेतों में कीटनाशक के लिए किसानों ने छिड़काव कर रखा है और शायद उसी घास, फसल को खाने से दो बैलों और गाय की मौत हुई। उन्होंने बताया कि मृत गोधन को गांववालों, हिंदू महासभा और समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों की उपस्थिति में दफनाया गया ताकि इनके खाने से कुत्ते और जंगली जानवर संक्रमण अथवा बीमारी का शिकार न हों।
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