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सहकारी सभा दियोली में लाखों का घोटाला
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अमर उजाला ब्यूरो
गगरेट (ऊना)। प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित सहकारी सभा दियोली में बड़ा घोटाला सामने आया है। हाल ही में नंगल जरियाला सहकारी सभा में 1.24 करोड़ के घोटाले की स्याही सूखी नहीं थी कि निकटवर्ती गांव दियोली की सहकारी सभा में भी बड़ा घोटाला उजागर हुआ है।
हैरत की बात है कि जब स्थानीय स्तर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई न की तो मजबूरन शिकायत कर्ता को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। तब जाकर कोर्ट के आदेश पर पुलिस में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। दियोली सहकारी सभा के सचिव के खिलाफ अंब अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायर्ता ने मदन लाल ने बताया कि दियोली की सहकारी सभा से चार लाख का लोन लिया था। उसमें से लगभग दो लाख रुपये का लोन मदन लाल ने वापस कर दिया।
सभा सचिव ने मदन लाल को बताया कि आपका अभी तीन लाख और 28 हजार रुपये बकाया है। जब मदन लाल ने खाते की जांच की तो चार लाख के अलावा सचिव ने एक लाख रुपये का लोन अलग से मदन लाल के खाते में बना दिया था। जबकि नियमानुसार पुराना लोन दिए बिना नया लोन नहीं दिया जा सकता।
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सभा के रजिस्टर में इस लोन की जरूरी औपचारिकता भी पूरी नहीं की गई थी। मदन लाल ने यह मामला पहले सभा में उठाया लेकिन जब सहकारी सभा में इस मामले का निपटारा न हुआ तो मदन लाल ने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया। अंब अदालत ने आंकड़ों की समीक्षा करके सभा सचिव के खिलाफ पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए।
एएसआई रमेश कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेशों पर दियोली सहकारी सभा के सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी सचिव के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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गगरेट (ऊना)। प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित सहकारी सभा दियोली में बड़ा घोटाला सामने आया है। हाल ही में नंगल जरियाला सहकारी सभा में 1.24 करोड़ के घोटाले की स्याही सूखी नहीं थी कि निकटवर्ती गांव दियोली की सहकारी सभा में भी बड़ा घोटाला उजागर हुआ है।
हैरत की बात है कि जब स्थानीय स्तर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई न की तो मजबूरन शिकायत कर्ता को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। तब जाकर कोर्ट के आदेश पर पुलिस में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। दियोली सहकारी सभा के सचिव के खिलाफ अंब अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायर्ता ने मदन लाल ने बताया कि दियोली की सहकारी सभा से चार लाख का लोन लिया था। उसमें से लगभग दो लाख रुपये का लोन मदन लाल ने वापस कर दिया।
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सभा सचिव ने मदन लाल को बताया कि आपका अभी तीन लाख और 28 हजार रुपये बकाया है। जब मदन लाल ने खाते की जांच की तो चार लाख के अलावा सचिव ने एक लाख रुपये का लोन अलग से मदन लाल के खाते में बना दिया था। जबकि नियमानुसार पुराना लोन दिए बिना नया लोन नहीं दिया जा सकता।
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सभा के रजिस्टर में इस लोन की जरूरी औपचारिकता भी पूरी नहीं की गई थी। मदन लाल ने यह मामला पहले सभा में उठाया लेकिन जब सहकारी सभा में इस मामले का निपटारा न हुआ तो मदन लाल ने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया। अंब अदालत ने आंकड़ों की समीक्षा करके सभा सचिव के खिलाफ पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए।
एएसआई रमेश कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेशों पर दियोली सहकारी सभा के सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी सचिव के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।