{"_id":"6ab01e067046386dda084b72","slug":"villagers-passing-along-a-path-made-of-sandbags-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-157611-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बालू की बोरियों से बने रास्ते से गुजर रहे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बालू की बोरियों से बने रास्ते से गुजर रहे ग्रामीण
विज्ञापन
जान जोखिम में डालकर बालू की बोरियों के सहारे एमबीडी बांध तक जाती महिलाफोटो स्रोत संवाद
लोहरैया। एमबीडी बांध से गायघाट दक्षिणी और सियरकला गांव को जोड़ने वाली पुलिया का निर्माण ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पुलिया निर्माण के लिए पुरानी पुलिया तोड़े जाने और बाढ़ में वैकल्पिक रास्ता बह जाने के बाद ग्रामीणों को बालू की बोरियों से बनाए गए संकरे रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है।
रास्ते के दोनों तरफ 30 से 40 फुट गहरी खाई है और बोरियों के ऊपर से पानी बह रहा है। ऐसे में यहां कभी भी हादसा हो सकता है। पुलिया निर्माण के लिए पुरानी पुलिया तोड़े जाने के बाद आवागमन बाधित हो गया था।
बाढ़ के दौरान बालू से बनाया गया वैकल्पिक रास्ता भी बह गया। इसके बाद विभाग की ओर से बालू की बोरियां रखकर किसी तरह पैदल आने-जाने के लिए रास्ता बनाया गया। हालांकि, यह रास्ता भी सुरक्षित नहीं है। दोनों तरफ गहरी खाई और ऊपर से बहते पानी के बीच ग्रामीण मजबूरी में इसी रास्ते से गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और बाढ़ के बाद रास्ते की स्थिति और खतरनाक हो गई है। संकरे रास्ते पर पानी बहने के कारण संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को यहां से गुजरने में काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अक्षय कुमार ने कहा कि पुलिया का निर्माण समय से पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। रास्ते के दोनों तरफ गहरी खाई होने से खतरा बना हुआ है। प्रशासन को तत्काल सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए।
व्यास मुनि चौबे ने कहा कि बालू की बोरियों के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके बावजूद ग्रामीण इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। थोड़ी सी असावधानी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने पुलिया का निर्माण जल्द पूरा कराने और तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की।
विज्ञापन
रास्ते के दोनों तरफ 30 से 40 फुट गहरी खाई है और बोरियों के ऊपर से पानी बह रहा है। ऐसे में यहां कभी भी हादसा हो सकता है। पुलिया निर्माण के लिए पुरानी पुलिया तोड़े जाने के बाद आवागमन बाधित हो गया था।
विज्ञापन
बाढ़ के दौरान बालू से बनाया गया वैकल्पिक रास्ता भी बह गया। इसके बाद विभाग की ओर से बालू की बोरियां रखकर किसी तरह पैदल आने-जाने के लिए रास्ता बनाया गया। हालांकि, यह रास्ता भी सुरक्षित नहीं है। दोनों तरफ गहरी खाई और ऊपर से बहते पानी के बीच ग्रामीण मजबूरी में इसी रास्ते से गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और बाढ़ के बाद रास्ते की स्थिति और खतरनाक हो गई है। संकरे रास्ते पर पानी बहने के कारण संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को यहां से गुजरने में काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अक्षय कुमार ने कहा कि पुलिया का निर्माण समय से पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। रास्ते के दोनों तरफ गहरी खाई होने से खतरा बना हुआ है। प्रशासन को तत्काल सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए।
व्यास मुनि चौबे ने कहा कि बालू की बोरियों के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके बावजूद ग्रामीण इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। थोड़ी सी असावधानी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने पुलिया का निर्माण जल्द पूरा कराने और तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की।