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आखिर कब थमेगा मौत का यह सफर
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पिकअप में तीन दर्जन से ज्यादा ठूंसे थे श्रद्धालु
गाड़ी का डबल डैकर बनाकर श्रद्धालुओं की जिंदगी से खिलवाड़
माल वाहक वाहनों में धार्मिक स्थलों पर पहुंच रहे श्रद्धालु
प्रशासन के साथ-साथ सरकार भी कार्रवाई करने में सुस्त
पंजाब के पुलिस अधिकारियों के साथ करेंगे बात : एसपी
अमन वर्मा
ऊना। हादसों के बाद भी जिले में पंजाब से आने वाले मालवाहक वाहनों में मौत का सफर नहीं थम रहा है। प्रदेश के शक्तिपीठों और अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालु माल वाहक वाहनों में सवार होकर आ रहे हैं। प्रदेश में संस्कृति के नाम पर श्रद्धालु ट्रैफिक नियमों को धत्ता बता रहे हैं। हैरत की बात है कि वीरवार को ईसपुर में पेश आए हादसे से पहले एक पिकअप में तीन दर्जन से अधिक सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरीं थीं। इनमें 30 घायलों के अलावा तीन लोगों की मौत हो गई।
जिले में कभी वनखंडी तो कभी पीरनिगाह और बंगाणा क्षेत्र की सड़कों पर पड़ोसी राज्यों से माल वाहक वाहनों में सवार होकर आ रहे श्रद्धालु आए दिन सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सरकार भी कार्रवाई करने में सुस्त दिखाई दे रही है। पुलिस भी सब कुछ देखने के बाद भी ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई करने में सुस्त दिखाई दे रही है। पंजाब से आ रहे वाहन चालक प्रदेश के प्रवेश द्वार से होते हुए देव भूमि के धार्मिक स्थलों में माथा टेकने पहुंच रहे हैं। माल वाहक वाहनों में आ रहे श्रद्धालु ट्रैफिक नियमों को सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। माल वाहक वाहन चालक मुनाफे के चक्कर में श्रद्धालुओं की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। वनखंडी, बंगाणा, मैड़ी, ऊना के पीरनिगाह एवं शाहतलाई में ऐसे वाहनों में आने वाले दर्जनों लोग मौत का शिकार हो चुके हैं, कई अपाहिज हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि पिकअप में डबल डैकर बनाकर करीब तीन दर्जन से अधिक श्रद्धालु सवार थे। गौरतलब है कि इससे पहले भी पंडोगा के पास वनखंडी में ट्रक पलटने से 19 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए थे। जबकि डेढ़ वर्षीय मासूम की ट्रक के नीचे दबने से मौत हो थी। पाबंदी के बावजूद ऐसे वाहन चालक पैसा कमाने के चक्कर में लोगों की जान को जोखिम में डालकर मालवाहक वाहनों में ढोने का कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन इन वाहनों को बार्डर पर रोकने पर विफल है। मालवाहक वाहन में लोगों को बिठाने के लिए बनाई डबल डैकर छतें टूटने के कारण दर्जनों लोगों की अब तक जान जा चुकी है, जबकि कई सैकड़ों बुरी तरह घायल हो चुके हैं। एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि माल वाहक वाहनों में आ रहे श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पंजाब के पुलिस अधिकारियों से भी बात की जाएगी। एसपी ने कहा कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गाड़ी का डबल डैकर बनाकर श्रद्धालुओं की जिंदगी से खिलवाड़
माल वाहक वाहनों में धार्मिक स्थलों पर पहुंच रहे श्रद्धालु
प्रशासन के साथ-साथ सरकार भी कार्रवाई करने में सुस्त
पंजाब के पुलिस अधिकारियों के साथ करेंगे बात : एसपी
अमन वर्मा
ऊना। हादसों के बाद भी जिले में पंजाब से आने वाले मालवाहक वाहनों में मौत का सफर नहीं थम रहा है। प्रदेश के शक्तिपीठों और अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालु माल वाहक वाहनों में सवार होकर आ रहे हैं। प्रदेश में संस्कृति के नाम पर श्रद्धालु ट्रैफिक नियमों को धत्ता बता रहे हैं। हैरत की बात है कि वीरवार को ईसपुर में पेश आए हादसे से पहले एक पिकअप में तीन दर्जन से अधिक सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरीं थीं। इनमें 30 घायलों के अलावा तीन लोगों की मौत हो गई।
जिले में कभी वनखंडी तो कभी पीरनिगाह और बंगाणा क्षेत्र की सड़कों पर पड़ोसी राज्यों से माल वाहक वाहनों में सवार होकर आ रहे श्रद्धालु आए दिन सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सरकार भी कार्रवाई करने में सुस्त दिखाई दे रही है। पुलिस भी सब कुछ देखने के बाद भी ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई करने में सुस्त दिखाई दे रही है। पंजाब से आ रहे वाहन चालक प्रदेश के प्रवेश द्वार से होते हुए देव भूमि के धार्मिक स्थलों में माथा टेकने पहुंच रहे हैं। माल वाहक वाहनों में आ रहे श्रद्धालु ट्रैफिक नियमों को सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। माल वाहक वाहन चालक मुनाफे के चक्कर में श्रद्धालुओं की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। वनखंडी, बंगाणा, मैड़ी, ऊना के पीरनिगाह एवं शाहतलाई में ऐसे वाहनों में आने वाले दर्जनों लोग मौत का शिकार हो चुके हैं, कई अपाहिज हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि पिकअप में डबल डैकर बनाकर करीब तीन दर्जन से अधिक श्रद्धालु सवार थे। गौरतलब है कि इससे पहले भी पंडोगा के पास वनखंडी में ट्रक पलटने से 19 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए थे। जबकि डेढ़ वर्षीय मासूम की ट्रक के नीचे दबने से मौत हो थी। पाबंदी के बावजूद ऐसे वाहन चालक पैसा कमाने के चक्कर में लोगों की जान को जोखिम में डालकर मालवाहक वाहनों में ढोने का कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन इन वाहनों को बार्डर पर रोकने पर विफल है। मालवाहक वाहन में लोगों को बिठाने के लिए बनाई डबल डैकर छतें टूटने के कारण दर्जनों लोगों की अब तक जान जा चुकी है, जबकि कई सैकड़ों बुरी तरह घायल हो चुके हैं। एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि माल वाहक वाहनों में आ रहे श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पंजाब के पुलिस अधिकारियों से भी बात की जाएगी। एसपी ने कहा कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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