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Una News: सवारियां नहीं मिलीं तो 15 ग्रामीण रूटों पर नहीं चलीं बसें
Mon, 14 Sep 2026 06:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 14 Sep 2026 06:15 AM IST
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ऊना। बसें तैयार थीं, चालक-परिचालक भी बस स्टैंड ऊना (आईएसबीटी) पहुंच गए थे लेकिन सवारियां नहीं मिलीं तो रविवार को एचआरटीसी के 15 ग्रामीण रूटों पर बसें नहीं चल सकीं।
छुट्टी के दिन यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण निगम ने निर्धारित समय पर काउंटर पर खड़ी बसों को कुछ देर इंतजार के बाद रूट पर भेजने के बजाय सेवा रद्द कर दी।
सप्ताह के अन्य दिनों में नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और नियमित यात्रियों के कारण ग्रामीण रूटों पर बसों में आवाजाही बनी रहती है। रविवार को कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश होने से यात्रियों की संख्या घट गई। इसका सीधा असर ग्रामीण बस सेवाओं पर पड़ा।
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निगम की समयसारिणी के अनुसार बसें निर्धारित समय पर आईएसबीटी ऊना के संबंधित काउंटर पर खड़ीं कर दी गई थीं। कुछ समय तक यात्रियों का इंतजार किया गया, लेकिन पर्याप्त सवारियां नहीं मिलने पर सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं।
निगम प्रबंधन के अनुसार यात्रियों की संख्या बेहद कम होने पर बसों को रूट पर भेजना आर्थिक रूप से नुकसानदायक रहता है। हालांकि, बस सेवाएं रद्द होने का असर उन ग्रामीण यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें रविवार को भी ऊना या अन्य स्थानों तक पहुंचना था। निजी काम, खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
एचआरटीसी ऊना के कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक राजेश जोशी ने कहा कि ग्रामीण रूटों पर बस संचालन यात्रियों की मांग और उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। रविवार को सवारियों की संख्या कम होने के कारण कई बार निर्धारित रूट रद्द करने पड़ते हैं।
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छुट्टी के दिन यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण निगम ने निर्धारित समय पर काउंटर पर खड़ी बसों को कुछ देर इंतजार के बाद रूट पर भेजने के बजाय सेवा रद्द कर दी।
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सप्ताह के अन्य दिनों में नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और नियमित यात्रियों के कारण ग्रामीण रूटों पर बसों में आवाजाही बनी रहती है। रविवार को कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश होने से यात्रियों की संख्या घट गई। इसका सीधा असर ग्रामीण बस सेवाओं पर पड़ा।
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निगम की समयसारिणी के अनुसार बसें निर्धारित समय पर आईएसबीटी ऊना के संबंधित काउंटर पर खड़ीं कर दी गई थीं। कुछ समय तक यात्रियों का इंतजार किया गया, लेकिन पर्याप्त सवारियां नहीं मिलने पर सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं।
निगम प्रबंधन के अनुसार यात्रियों की संख्या बेहद कम होने पर बसों को रूट पर भेजना आर्थिक रूप से नुकसानदायक रहता है। हालांकि, बस सेवाएं रद्द होने का असर उन ग्रामीण यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें रविवार को भी ऊना या अन्य स्थानों तक पहुंचना था। निजी काम, खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
एचआरटीसी ऊना के कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक राजेश जोशी ने कहा कि ग्रामीण रूटों पर बस संचालन यात्रियों की मांग और उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। रविवार को सवारियों की संख्या कम होने के कारण कई बार निर्धारित रूट रद्द करने पड़ते हैं।