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Una News: दाखिला संख्या शून्य और प्रवक्ता तैनात, दो दिन में देना होगा जवाब
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सरकारी स्कूलों से मांगी जानकारी, जरूरत वाले संस्थानों को मिलेगा लाभ
कई बड़े सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अच्छी पर प्रवक्ता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी स्कूलों से ऐसे विषयों की जानकारी मांगी गई है, जिनमें विद्यार्थियों की दाखिला संख्या शून्य है और विशेषज्ञ प्रवक्ता स्कूल में तैनात है। यह जानकारी भी देनी होगी कि प्रवक्ता कब से तैनात हैं और उनके सेवाकाल में कितने विद्यार्थियों ने संबंधित विषय की पढ़ाई की। हालांकि, यह प्रतिवर्ष की गतिविधि है। प्रवक्ताओं की तैनाती उन स्थानों पर की जाती है, जहां उनकी आवश्यकता अधिक होती है।
जानकारी के अनुसार जिले के कई बड़े सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अच्छी है लेकिन 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को कुछ विषयों की पढ़ाई में परेशानी पेश आ रही। कारण यह कि उस विषय का विशेषज्ञ अध्यापक तैनात नहीं। उन्हें या तो प्रधानाचार्य पढ़ा रहे या किसी अन्य विषय का प्रवक्ता। जबकि कुछ स्कूल ऐसे भी जहां विशेषज्ञ अध्यापक तो तैनात हैं, लेकिन उस विषय में दाखिला लेने वाला एक भी विद्यार्थी नहीं है। उन संस्थानों में तैनात अध्यापकों की सेवा जरूरत वाले संस्थानों में लाभकारी साबित होगी।
इसी उद्देश्य से शिक्षा निदेशालय ने जानकारी मांगी है कि स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है। इसमें कौन से विषय में दाखिला संख्या शून्य है। अगर शून्य दाखिला संख्या वाले विषय का विशेषज्ञ अध्यापक वहां तैनात है तो उनका नाम और जन्मतिथि की जानकारी भी मांगी गई है। निदेशालय की ओर से यह भी हिदायत दी गई है कि अगर भविष्य में किसी विषय की दाखिला संख्या शून्य होती है तो उसकी जानकारी दो दिन के भीतर विभाग को भेजें। ऐसे न किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों को शून्य दाखिला संख्या वाले विषय और वहां तैनात विशेषज्ञ अध्यापकों की जानकारी मांगी गई है। सभी संस्थान इस कार्रवाई को गंभीरता से लें। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
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कई बड़े सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अच्छी पर प्रवक्ता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी स्कूलों से ऐसे विषयों की जानकारी मांगी गई है, जिनमें विद्यार्थियों की दाखिला संख्या शून्य है और विशेषज्ञ प्रवक्ता स्कूल में तैनात है। यह जानकारी भी देनी होगी कि प्रवक्ता कब से तैनात हैं और उनके सेवाकाल में कितने विद्यार्थियों ने संबंधित विषय की पढ़ाई की। हालांकि, यह प्रतिवर्ष की गतिविधि है। प्रवक्ताओं की तैनाती उन स्थानों पर की जाती है, जहां उनकी आवश्यकता अधिक होती है।
जानकारी के अनुसार जिले के कई बड़े सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अच्छी है लेकिन 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को कुछ विषयों की पढ़ाई में परेशानी पेश आ रही। कारण यह कि उस विषय का विशेषज्ञ अध्यापक तैनात नहीं। उन्हें या तो प्रधानाचार्य पढ़ा रहे या किसी अन्य विषय का प्रवक्ता। जबकि कुछ स्कूल ऐसे भी जहां विशेषज्ञ अध्यापक तो तैनात हैं, लेकिन उस विषय में दाखिला लेने वाला एक भी विद्यार्थी नहीं है। उन संस्थानों में तैनात अध्यापकों की सेवा जरूरत वाले संस्थानों में लाभकारी साबित होगी।
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इसी उद्देश्य से शिक्षा निदेशालय ने जानकारी मांगी है कि स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है। इसमें कौन से विषय में दाखिला संख्या शून्य है। अगर शून्य दाखिला संख्या वाले विषय का विशेषज्ञ अध्यापक वहां तैनात है तो उनका नाम और जन्मतिथि की जानकारी भी मांगी गई है। निदेशालय की ओर से यह भी हिदायत दी गई है कि अगर भविष्य में किसी विषय की दाखिला संख्या शून्य होती है तो उसकी जानकारी दो दिन के भीतर विभाग को भेजें। ऐसे न किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों को शून्य दाखिला संख्या वाले विषय और वहां तैनात विशेषज्ञ अध्यापकों की जानकारी मांगी गई है। सभी संस्थान इस कार्रवाई को गंभीरता से लें। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहद जरूरी है।