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Una News: निजी उद्योग से निकाले 90 मजदूरों ने किया प्रदर्शन

Wed, 29 Jan 2025 12:27 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:27 AM IST
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90 workers fired from private industry demonstrated in Una city
गोंदपुर जयचंद स्थित निजी उद्योग से निकाले कामगार ऊना शहर में रोष रैली निकालते हुए। स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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ऊना। हरोली विधानसभा क्षेत्र के तहत गोंदपुर जयचंद में स्थित एक निजी उद्योग में कार्यरत 90 के करीब मजदूरों को बिना नोटिस दिए काम से निकाल दिए जाने का मामला गरमाने लगा है। मंगलवार को सभी मजदूरों ने इकट्ठे होकर जिला परिषद सदस्य कमल सैनी व अन्य समाजसेवी लोगों की अगुवाई में जिला श्रम अधिकारी कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया। मजदूरों की मानें तो कंपनी ने उन्हें बिना नोटिस दिए काम से निकाल दिया। उन्हें जो वेतन दिया जा रहा, वह 9000 रुपये प्रतिमाह के आसपास है। जबकि, श्रम कानून के मुताबिक उन्हें 12000 रुपये वेतन मिलना चाहिए। मजदूरों ने कहा कि जनवरी में 15 दिन का काम लेने के बाद उन्हें 15 दिन का वेतन दे दिया गया। जबकि, दिसंबर का वेतन अभी तक नहीं दिया गया। रोष प्रदर्शन के बाद मजदूरों ने मांगों के हल को लेकर उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा।
उधर, मजदूरों को काम पर दोबारा रखने के लिए बीते सोमवार को उद्योग विभाग, जिला श्रम अधिकारी और फैक्ट्री वर्कर के बीच वार्तालाप भी हुई लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। रोष प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने कहा कि उन्हें मंगलवार को जिला श्रम अधिकारी कार्यालय में सुबह 11:00 बजे का समय दिया गया था लेकिन अभी तक कोई भी कंपनी का नुमाइंदा या संबंधित विभागीय अधिकारी यहां नहीं पहुंचे।
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मजदूरों में आशा रानी, हरी राम, प्रेमलता, मनजीत कौर, पम्मी कुमार, सरवण, अजीत कुमार, सुरिंदर कुमार, राम कुमार, कुशल कुमार, नीरज, अमरीश यादव, जसपाल, नीरज व अन्य ने जिला प्रशासन से इन कामगारों को पुन: काम पर वापस लिए जाने की मांग की।
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रोष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला परिषद सदस्य कमल सैनी ने कहा कि मजदूरों के विरोध के बावजूद कोई अधिकारी उनकी समस्या का हल करने नहीं आया। मजदूरों को मंगलवार सुबह 11 बजे उद्योग प्रबंधन व संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुलाया। लेकिन न उद्योग प्रबंधन से कोई आया और न उद्योग विभाग व जिला श्रम कार्यालय से। कमल सैनी ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा संघर्ष करेंगे और मजदूरों को उनका हक दिलवाएंगे। किसी मजदूर को 8000 और किसी को 9000 रुपये प्रति माह मिल रहा जो नियमों के खिलाफ है।

मजदूरों के हक में अपने बैनर के साथ रोष प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा ऊना के अध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने कहा कि हम मजदूरों के मांगपत्र को लेकर उपमुख्यमंत्री से मिलने गए। लेकिन, उपमुख्यमंत्री ने कुछ देर बात सुनकर संबंधित अधिकारी को फोन किया। मजदूरों को कम से कम 18000 रुपये प्रति माह वेतन मिलना चाहिए।


उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि एक निजी उद्योग के मजदूरों का ज्ञापन उनके मिला है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है। जल्द समस्या का स्थायी हल निकालने के प्रयास जारी हैं।
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