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Una News: 300 कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई, प्रशासन नदारद
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पूर्व विधायक बोले-प्रशासन की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के कैलाश नगर नकड़ोह और गोंदपुर बनेहड़ा लोअर गांव में लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत को राख में बदल दिया। इस आग की घटना में लगभग 300 कनाल गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई, जिससे दर्जनों किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए। इस त्रासदी के बाद जब प्रशासन और स्थानीय विधायक मौके से नदारद रहे तो पीड़ितों का हाल जानने और उनका दुख साझा करने पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा मौके पर पहुंचे। चैतन्य शर्मा ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। जब क्षेत्र का किसान बर्बादी का सामना कर रहा था तब क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन शिवबाड़ी मेले की तैयारियों में व्यस्त थे। यह स्थिति यह दर्शाती है कि गगरेट जैसे सीमावर्ती क्षेत्र की समस्याएं सरकार की प्राथमिकता में कहीं नहीं हैं। घटना के समय बिजली गुल थी और किसानों की ओर से बार-बार कॉल करने के बावजूद समय पर बिजली बहाल नहीं हो सकी। जब देर से बिजली आई तो ट्यूबवेल चलाकर खेतों में पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नुकसान हो चुका था। इससे पहले हरवाल और कुनेरन गांव में भी 35 कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ चुकी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के कैलाश नगर नकड़ोह और गोंदपुर बनेहड़ा लोअर गांव में लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत को राख में बदल दिया। इस आग की घटना में लगभग 300 कनाल गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई, जिससे दर्जनों किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए। इस त्रासदी के बाद जब प्रशासन और स्थानीय विधायक मौके से नदारद रहे तो पीड़ितों का हाल जानने और उनका दुख साझा करने पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा मौके पर पहुंचे। चैतन्य शर्मा ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। जब क्षेत्र का किसान बर्बादी का सामना कर रहा था तब क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन शिवबाड़ी मेले की तैयारियों में व्यस्त थे। यह स्थिति यह दर्शाती है कि गगरेट जैसे सीमावर्ती क्षेत्र की समस्याएं सरकार की प्राथमिकता में कहीं नहीं हैं। घटना के समय बिजली गुल थी और किसानों की ओर से बार-बार कॉल करने के बावजूद समय पर बिजली बहाल नहीं हो सकी। जब देर से बिजली आई तो ट्यूबवेल चलाकर खेतों में पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नुकसान हो चुका था। इससे पहले हरवाल और कुनेरन गांव में भी 35 कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ चुकी है।