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शहर में गहराया पेयजल संकट, पांच दिन बाद मिल रहा पानी

Sun, 06 Oct 2019 10:33 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 10:33 PM IST
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water crisis in solan city
पानी की समस्या को लेकर मुख्यबाजार में ग्राहकों के लिए दुकानों से पानी की बोतल रीदता दुकानदार। - फोटो : SOLAN
अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। बरसात के बाद भी शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लोगों को पांच दिनों के बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है। लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई हिस्सों में पानी न आने से लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उन्हें मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
हालांकि, नगर परिषद के मुख्य टैंक तक आईपीएच विभाग करीब 11 लाख गैलन पानी की लिफ्टिंग कर रहा है। नगर परिषद की माने ंतो शहर में 18 पेयजल लाइनें होने से इकट्ठा पानी छोड़ने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके चलते आठ पेयजल लाइनों से ही पानी छोड़ा जा रहा है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पानी की आपूर्ति न होने से आम लोगों के साथ शहर के कारोबारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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जानकारी के अनुसार इससे पहले भी नगर परिषद ने शहर के सभी वार्डों में एक दिन के बाद पानी की सप्लाई देने की बात कही थी। शहर के मालरोड सहित मेन बाजार में पांच दिनों के बाद पानी छोड़ा जा रहा है। नगर परिषद पानी का सही ढंग से वितरण नहीं कर रही है।
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कुछ एक वार्डों को पर्याप्त पानी मिल रहा है, कहीं कई दिनों के बाद पानी की सप्लाई नहीं छोड़ी जा रही है। इसे लेकर लोगों में रोष है। मुख्य बाजार में रहने वाले सूरज गोयल, शिवानी, सुनील ने बताया कि पांच दिनों के बाद पानी छोड़ा जा रहा है। इससे घर सहित दुकान कार्य करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में संपर्क साधने के बाद भी कोई संतुष्ट जवाब नही ंमिल पा रहा है।
कहा कि आधा किलोमीटर का सफर तय कर पानी ढोना पड़ रहा है। वहीं मालरोड पर कारोबार करने वाले देव शर्मा, हार्दिक ने बताया कि दो से चार दिनों के बाद पानी की सप्लाई छोड़ी ज रही है। इससे उन्हें खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए जगह-जगह पानी ढोना पड़ रहा है। वहीं बाजार से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं।
18 पेयजल लाइनों से एक साथ नहीं छोड़ सकते पानी
नगर परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि शहर में पानी की आपूर्ति के लिए 18 पेयजल लाइनें हैं। इनमें से आठ लाइनों से ही पानी को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लाइनों को एकसाथ नहीं चलाया जा सकता जिसकी वजह से एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है।

नगर परिषद की 50 पैसे लीटर पानी पिलाने की योजना भी ठप
शहर में 50 पैसे लीटर फिल्टर वाटर पिलाने की नगर परिषद की योजना फेल हो गई है। इस योजना के तहत नप ने लाखों रुपये खर्च किए लेकिन अब नप के वाटर एटीएम का संचालन करने के लिए कोई भी संस्था या कंपनी आगे नहीं आ रही है। इसके चलते वाटर एटीएम बंद पड़े हैं। इससे पहले वाटर एटीएम का संचालन और देखरेख एक निजी संस्था कर रही था लेकिन वह संस्था भी बीच में संचालन का कार्य छोड़ कर चली गई। इसके बाद शहर में कई स्थानों पर लगे छह में से सिर्फ एक ही वाटर एटीएम कार्य कर रहा है।
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