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Solan News: अल्ट्रासाउंड मशीन खराब, चंडीगढ़ रेफर किए जा रहे मरीज
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ईएसआई अस्पताल परवाणू में 20 हजार कामगार हैं पंजीकृत
गर्भवती महिलाओं समेत बच्चे भी हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल परवाणू में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से कामगारों और गर्भवती महिलाओं को टेस्ट के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों का पैसा खर्च हो रहा है। परवाणू में बीते दो वर्ष पहले अल्ट्रसाउंड मशीन में खराबी आई थी, जिसके बाद इसके कमरे में ताला लगा दिया गया। कई बार समस्या से अधिकारियों और नेताओं को अवगत करवाया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
परवाणू में ईएसआई के लगभग 20 हजार पंजीकृत कामगार हैं। बीमारी से पीड़ित कामगारों को परवाणू के उक्त अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध न होने पर ईएसआई के अस्पतालों के पैनल पर पंजीकृत चंडीगढ़ या मोहाली के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हो रही है। उन्हें चंडीगढ़ जाना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा वह निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
उधर, ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डाॅक्टर ज्योति कपिल ने बताया कि बीते दो साल से उक्त मशीन खराब पड़ी है। मशीन को ठीक करवाने के लिए ईएसआई बद्दी के क्षेत्रीय निदेशक सहित हिमाचल के स्वास्थ्य निदेशक को भी अवगत करवाया जा चुका है। कुछ मरीज जो गंभीर होते हैं उनको अस्पताल की एंबुलेंस में अल्ट्रासाउंड की सुविधा वाले स्थल तक ले जाया जाता है।
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गर्भवती महिलाओं समेत बच्चे भी हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल परवाणू में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से कामगारों और गर्भवती महिलाओं को टेस्ट के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों का पैसा खर्च हो रहा है। परवाणू में बीते दो वर्ष पहले अल्ट्रसाउंड मशीन में खराबी आई थी, जिसके बाद इसके कमरे में ताला लगा दिया गया। कई बार समस्या से अधिकारियों और नेताओं को अवगत करवाया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
परवाणू में ईएसआई के लगभग 20 हजार पंजीकृत कामगार हैं। बीमारी से पीड़ित कामगारों को परवाणू के उक्त अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध न होने पर ईएसआई के अस्पतालों के पैनल पर पंजीकृत चंडीगढ़ या मोहाली के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हो रही है। उन्हें चंडीगढ़ जाना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा वह निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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उधर, ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डाॅक्टर ज्योति कपिल ने बताया कि बीते दो साल से उक्त मशीन खराब पड़ी है। मशीन को ठीक करवाने के लिए ईएसआई बद्दी के क्षेत्रीय निदेशक सहित हिमाचल के स्वास्थ्य निदेशक को भी अवगत करवाया जा चुका है। कुछ मरीज जो गंभीर होते हैं उनको अस्पताल की एंबुलेंस में अल्ट्रासाउंड की सुविधा वाले स्थल तक ले जाया जाता है।
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