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बागा में ट्रक ऑपरेटरों का धरना प्रदर्शन जारी, अनुबंध लागू करने की मांग
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दाड़लाघाट(सोलन)। बागा में ट्रक ऑपरेटरों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को बारहवें दिन भी जारी रहा। ऑपरेटरों ने लगभग 400 की संख्या में इकट्ठा होकर मुख्य गेट तक रैली निकाल अपना विरोध दर्ज करवाया। मुख्य गेट पर लगभग आधे घंटे तक धरना प्रदर्शन चला।
प्रदर्शन के दौरान ऑपरेटरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। ऑपरेटरों ने पुलिस अधिकारियों को कंपनी के सरकारी भूमि पर किए अतिक्रमण के दस्तावेज भी दिखाए। ऑपरेटरों ने हस्ताक्षरित एक मांग पत्र भी थाना प्रभारी को सौंपा है। ऑपरेटरों में लालमन, मेहर, हेमराज, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र वर्मा, महेश्वर शर्मा, प्रकाश ठाकुर, वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि मई 2017 से 2018 तक ढुलाई कार्य कम होने की वजह से विभिन्न वित्तीय संस्थाओं ने ऑपरेटरों की लगभग 400 गाड़ियां सीज की थीं।
ऑपरेटर पर्याप्त काम न होने के चलते गाड़ियों की किश्त नहीं चुका पा रहे थे। सैकड़ों ऑपरेटरों पर चेक बाउंस होने और पुश्तैनी जमीन कुर्क करने के केस चल पड़े। कुछ ऑपरेटर तबाह होकर सड़क पर आ गए। इन्हें आज अपनी आजीविका चलाने के लिए ढाबों या मनरेगा में दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ रही है। जब कंपनी अपनी इनिशियल स्टेज पर थी एक जून 2018 को कंपनी ने 1500 मीट्रिक टन क्लिंकर प्रतिदन के हिसाब से ढुलाई कार्य देने का लिखित अनुबंध साइन किया था।
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इसे कंपनी ने लागू नहीं किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ हुए लिखित एग्रीमेंट के बाद ऑपरेटरों ने मल्टी एक्सल ट्रक खरीद कर करोड़ों का कर्ज ले लिया। आज हालत ये है कि ये सभी गाड़ियां एक बार फिर डिफाल्टर हो चुकी हैं। उनका एक मात्र लक्ष्य जून 2018 के अनुबंध को लागू करवाना है। जब तक कंपनी अनुबंध लागू नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रदर्शन के दौरान ऑपरेटरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। ऑपरेटरों ने पुलिस अधिकारियों को कंपनी के सरकारी भूमि पर किए अतिक्रमण के दस्तावेज भी दिखाए। ऑपरेटरों ने हस्ताक्षरित एक मांग पत्र भी थाना प्रभारी को सौंपा है। ऑपरेटरों में लालमन, मेहर, हेमराज, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र वर्मा, महेश्वर शर्मा, प्रकाश ठाकुर, वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि मई 2017 से 2018 तक ढुलाई कार्य कम होने की वजह से विभिन्न वित्तीय संस्थाओं ने ऑपरेटरों की लगभग 400 गाड़ियां सीज की थीं।
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ऑपरेटर पर्याप्त काम न होने के चलते गाड़ियों की किश्त नहीं चुका पा रहे थे। सैकड़ों ऑपरेटरों पर चेक बाउंस होने और पुश्तैनी जमीन कुर्क करने के केस चल पड़े। कुछ ऑपरेटर तबाह होकर सड़क पर आ गए। इन्हें आज अपनी आजीविका चलाने के लिए ढाबों या मनरेगा में दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ रही है। जब कंपनी अपनी इनिशियल स्टेज पर थी एक जून 2018 को कंपनी ने 1500 मीट्रिक टन क्लिंकर प्रतिदन के हिसाब से ढुलाई कार्य देने का लिखित अनुबंध साइन किया था।
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इसे कंपनी ने लागू नहीं किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ हुए लिखित एग्रीमेंट के बाद ऑपरेटरों ने मल्टी एक्सल ट्रक खरीद कर करोड़ों का कर्ज ले लिया। आज हालत ये है कि ये सभी गाड़ियां एक बार फिर डिफाल्टर हो चुकी हैं। उनका एक मात्र लक्ष्य जून 2018 के अनुबंध को लागू करवाना है। जब तक कंपनी अनुबंध लागू नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।