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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   There will be no wastage of oxygen in district hospitals

Solan News: जिले के अस्पतालों में नहीं होगी ऑक्सीजन बर्बादी

Sat, 25 Feb 2023 06:28 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Feb 2023 06:28 PM IST
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स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों के बाद जिले में बनाई जांच टीम
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में है सबसे बड़ा निजी ऑक्सीजन प्लांट
निजी पीएसए प्लांट से भरने वाले सिलिंडरों की भी होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के अस्पतालों में अब सिलिंडरों के जरिए मरीजों को दी जाने वाली ऑक्सीजन की बर्बादी नहीं हो सकेगी। वहीं निजी प्लांट से भरकर आने वाले सभी ऑक्सीजन सिलिंडरों की भी जांच होगी। इसके लिए विभाग ने टीम का भी गठन किया है। यह टीम निजी पीएसए प्लांट में भरने वाले ऑक्सीजन सिलिंडरों का औचक निरीक्षण करेगी और निरीक्षण रिपोर्ट भी बनाई जाएगी। महकमे ने यह कदम ऑक्सीजन की बचत को लेकर उठाया है, ताकि मरीजों को ऑक्सीजन की दिक्कत न हो। वहीं इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने भी बीते दिनों आदेश दिए थे। इसके के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने टीम का गठन किया और टीम ने औचक निरीक्षण भी करना शुरू कर दिया है।
गौर रहे कि कोरोना काल में अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की अधिक जरूरत पड़ी थी। इस दौरान ऑक्सीजन की खपत भी अधिक हो गई थी। ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों में पीएसए प्लांट न होने से सिलिंडरों के जरिए ही आवश्यकता को पूरा किया गया था, लेकिन ऑक्सीजन की बर्बादी भी अधिक देखी गई। वहीं अब ऑक्सीजन की महत्ता को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल को जिले में ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने के लिए आदेश जारी किए गए। इसके बाद क्षेत्रीय अस्पताल के प्लांट इंचार्ज गौरव ठाकुर ने बद्दी स्थित निजी पीएसए प्लांट में ऑक्सीजन की क्षमता समेत सिलिंडरों का औचक निरीक्षण किया और इसकी रिपोर्ट तैयार कर सौंपी है। वहीं, मौके पर प्लांट में भरने के लिए जिले के अस्पतालों से आए खाली और भरे हुए सिलिंडरों का वजन भी जांचा गया। अकसर देखा गया है कि प्लांट में भरने वाले सिलिंडरों में अधिक ऑक्सीजन की बर्बादी होती है। इस बात की जांच करने के लिए सबसे पहले प्लांट का ही निरीक्षण किया गया। वहीं अब अस्पताल में सिलिंडरों का वजन जांच करने के लिए भार तौल मशीन भी दी गई है, ताकि पीएसए प्लांट से भरे सिलिंडरों के वजन को भी जांचा जा सके।
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इनसेट
पीएसए प्लांट के चलने से सिलिंडरों की खपत हुई कम
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 200 बिस्तर पर निर्बाद ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद से अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत भी कम हुई है। वहीं अब मरीजों के लिए 16 घंटे तक पीएसए प्लांट चलाया जा रहा है। इससे ऑक्सीजन की बर्बादी भी काफी कम हो गई है और मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत से भी परेशान नहीं होना पड़ रहा है।
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इनसेट
ऑक्सीजन की महत्ता को देखते हुए निरीक्षण टीम का गठन किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने भी आदेश दिए थे। सबसे पहले बीबीएन स्थित निजी पीएसए प्लांट जहां से सिलिंडरों को भरा जाता है का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण रिपोर्ट में संतुष्टि पाई गई है। वहीं अब अस्पताल में 16 घंटे पीएसए प्लांट चलाया जा रहा है। इससे सिलिंडरों की खपत कम हो गई है और 25 दिन बाद सिलिंडरों को भरवाया जा रहा है। इससे ऑक्सीजन की बर्बादी नहीं हो रही है।
-डॉ. एसएल वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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