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Solan News: जोगिंद्रा बैंक पुराने एनपीए खातों के लिए लाएगा वन टाइम पॉलिसी
Thu, 17 Sep 2026 01:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:55 AM IST
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बैंक प्रबंधन की बैठक में आए 92 एजेंडे, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
21.58 करोड़ रुपये का लाभ किया अर्जित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड ने पुराने गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) खातों के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया है। यह पॉलिसी 1 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होगी। बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने की।
ओटीएस पॉलिसी पात्र पुराने एनपीए खाताधारकों को अपने बकाया ऋण खातों के निपटारे का अवसर देगी। बैंक प्रबंधन का मानना है कि इससे ऋण खातों के समाधान में तेजी आएगी और बैंक तथा ऋणधारकों दोनों को लाभ होगा। अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में 21.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। बैंक का शुद्ध एनपीए शून्य रहा, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में बैंक के वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें कारोबार का विस्तार और ऋण वसूली को प्रभावी बनाना शामिल है। ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुकेश शर्मा ने कहा कि बैंक की प्राथमिकता केवल वित्तीय मजबूती तक सीमित नहीं है। सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए आम लोगों को बेहतर सेवाएं देना भी लक्ष्य है। किसानों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। बैंक शाखाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार पर भी कार्य कर रहा है। आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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बैठक में कुल 92 एजेंडे प्रस्तुत किए गए। इनमें से अधिकांश एजेंडों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर निर्णय लिए गए। शेष एजेंडों पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह फिर से निदेशक मंडल की बैठक होगी। बोर्ड के निर्णयों का उद्देश्य बैंक को मजबूत, पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित बनाना है। बैठक में बैंक के निदेशक और प्रबंध निदेशक पंकज सूद भी उपस्थित रहे।
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21.58 करोड़ रुपये का लाभ किया अर्जित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड ने पुराने गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) खातों के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया है। यह पॉलिसी 1 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होगी। बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने की।
ओटीएस पॉलिसी पात्र पुराने एनपीए खाताधारकों को अपने बकाया ऋण खातों के निपटारे का अवसर देगी। बैंक प्रबंधन का मानना है कि इससे ऋण खातों के समाधान में तेजी आएगी और बैंक तथा ऋणधारकों दोनों को लाभ होगा। अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में 21.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। बैंक का शुद्ध एनपीए शून्य रहा, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में बैंक के वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें कारोबार का विस्तार और ऋण वसूली को प्रभावी बनाना शामिल है। ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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मुकेश शर्मा ने कहा कि बैंक की प्राथमिकता केवल वित्तीय मजबूती तक सीमित नहीं है। सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए आम लोगों को बेहतर सेवाएं देना भी लक्ष्य है। किसानों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। बैंक शाखाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार पर भी कार्य कर रहा है। आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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बैठक में कुल 92 एजेंडे प्रस्तुत किए गए। इनमें से अधिकांश एजेंडों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर निर्णय लिए गए। शेष एजेंडों पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह फिर से निदेशक मंडल की बैठक होगी। बोर्ड के निर्णयों का उद्देश्य बैंक को मजबूत, पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित बनाना है। बैठक में बैंक के निदेशक और प्रबंध निदेशक पंकज सूद भी उपस्थित रहे।