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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   There is a mobile phone, but no electricity at home; the cooking stove is also in the open courtyard.

Solan News: मोबाइल है पर घर में बिजली नहीं, चूल्हा भी खुले आंगन में

Thu, 16 Jul 2026 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Thu, 16 Jul 2026 11:26 PM IST
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-एक्सक्लूसिव-
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जनगणना के दौरान हुए चौंकाने वाले खुलासे, लोगों ने दीं गलत जानकारियां
मौके पर मिला पक्का मकान और रसोईघर
अब सुपरवाइजर व फील्ड अधिकारी दोबारा से कर रहे दुरुस्त
सोमदत्त शर्मा
सोलन। जनगणना के दौरान फील्ड में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। स्वगणना में लोगों द्वारा दी गई गलत सूचनाओं को अब ठीक किया जा रहा है। इनमें मोबाइल होने के बावजूद बिजली कनेक्शन न होने और खुले में रसोईघर होने जैसी जानकारियां शामिल हैं।
प्रगणकों ने मौके पर पक्की रसोई पाई और इन गलतियों को ठीक भी किया। फील्ड अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गलत आंकड़े दर्ज पाए थे। इन गलतियों से जनगणना के अंतिम परिणामों की सटीकता पर सवाल उठ सकते थे। अधिकारियों ने इन विसंगतियों को गंभीरता से लिया है। अब पर्यवेक्षक और अन्य फील्ड अधिकारी सभी जानकारियों को दोबारा सत्यापित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य विश्वसनीय जनगणना आंकड़े तैयार करना है। यह आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतियों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यह प्रक्रिया जनगणना की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
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जनगणना में मिली प्रमुख गलतियां
स्वगणना 15 जून से शुरू हुई थी और 30 जून तक ऑनलाइन माध्यम से चली। लोगों ने पोर्टल पर घर, गाड़ी, मोबाइल सहित अपनी जानकारी दर्ज की थी। ऑनलाइन ही उन्हें 11 नंबर का पहचान संख्या मिला था। 1 जुलाई से घर-घर जाकर गणना हुई जो 15 जुलाई तक चली। प्रगणकों को 11 अंक के स्वगणना पहचान संख्या से मिली जानकारियों में कई जगह अंतर मिला। जिला जनगणना अधिकारी व संयुक्त आयुक्त नगर निगम सोलन चेतन चौहान ने बताया कि अभी भी गलतियों को दुरुस्त किया जा रहा है।
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सही आंकड़ों का महत्व
जनगणना के आंकड़े किसी भी देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ये आंकड़े जनसंख्या, आवास, शिक्षा और आर्थिक स्थिति जैसे विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हैं। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही सरकारें विकास योजनाएं बनाती हैं। गलत या अधूरी जानकारी से नीतियों का निर्माण प्रभावित हो सकता है। इसलिए, इन विसंगतियों को दूर करना और सही आंकड़े सुनिश्चित करना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य की योजनाएं वास्तविक जरूरतों पर आधारित हों।
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