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बीमार कारोबारी को रेडक्रास एंबुलेंस समय पर न देने से बवाल
ब्यूरो, सोलन
Updated Wed, 29 Jun 2016 10:14 PM IST
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व्यापारी सोलन में प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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यह कैसा सरकारी तंत्र। जहां जान की कीमत नहीं। जिंदगी और मौत से जूझ रहे रोगी को रेडक्रास की एंबुलेंस तभी मिलेगी जब डीसी के आदेश होंगे। इस बीच चाहे रोगी की हालत कितनी भी क्रिटिकल क्यों न हो जाए? मंगलवार देर रात सोलन के कारोबारियों के एक साथी के साथ हुई इस घटना को लेकर यह सवाल व्यापारियों ने बुधवार को प्रदर्शन करते हुए उठाए।
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व्यापारी अतुल को देर रात हार्ट अटैक पड़ गया। परिजन और कारोबारी उसे अस्पताल ले आए। केस चंडीगढ़ रेफर हुआ। 108 की उपलब्धता न होने के चलते रेडक्रास की एंबुलेंस ही विकल्प था। लेकिन आरोप है कि यह कहकर रेडक्रास ने एंबुलेंस के लिए मना कर दिया कि जाओ पहले डीसी की परमिशन लेकर आओ। जैसे-तैसे कारोबारी को चंडीगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। उधर इस इस हादसे से आक्रोश में आए कारोबारियों ने सुबह एकत्र होकर विश्राम गृह से लेकर डीसी चौक तक रोष रैली निकाली।
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स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद, स्थानीय मंत्री मुर्दाबाद, जिला प्रशासन होश में आओ नारेबाजी करते हुए कारोबारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में उपायुक्त सोलन को ज्ञापन देते हुए सोलन में स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने की गुहार लगाई। साथ ही स्थानीय मंत्री धनीराम शांडिल का घेराव करने की चेतावनी भी दी। वहीं बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं न सुधरने तक रोज 11 बजे प्रदर्शन का ऐलान किया।
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कब क्या हुआ
कारोबारी अक्ष्य वर्मा और अमित डोभाल ने बताया कि मंगलवार देर शाम कारोबारी को परिजन तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल ले गए। लेकिन वहां पर कार्डियो का कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। अस्पताल में मौजूद सर्जन राजकुमार ने मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे पीजीआई रेफर किया। लेकिन अस्पताल में उस समय एक भी एंबुलेंस रोगी को चंडीगढ़ ले जाने के लिए मौजूद नहीं थीं। अतुल के परिजनों ने अस्पताल से रेडक्रास की एंबुलेंस में मरीज को ले जाने की गुजारिश की, लेकिन उन्हें बताया गया कि उपायुक्त सोलन की इजाजत के बगैर रेडक्रास की एंबुलेंस कहीं भी नहीं जाती है। जब घटना घटी तक 108 एंबुलेंस भी किसी अन्य मरीज को लेने के लिए कहीं गई हुई थी। काफी देर बाद गिरिपुल से 108 एंबुलेंस अस्पताल पहुंची और उसमें मरीज को चंडीगढ़ रेफर किया गया।
रणनीति : व्यवस्था सुधरने तक हर रोज 11 बजे निकलेगी रैली
सुबह व्यापार मंडल ने बैठक का आयोजन किया। बैठक में चिकित्सकों की कमी के अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को बदहाल कर देने के आरोप लगाए गए। व्यापारियों के अलावा जनहित के मुद्दे पर शहर की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोग भी शामिल रहे। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों से उनके सुझाव आमंत्रित किए गए। बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि ज्ञापन देने, प्रतिनिधिमंडल मंत्रियों और अधिकारियों से मिलकर कुछ नहीं होने वाला। इस बार आंदोलन का रास्ता अपनाकर ही कार्य शुरू किया जाए। कारोबारी व्यवस्था सुधरने तक हर रोज सुबह 11 बजे शहर में रैली निकलाकर रोष जताएंगे। इसके बाद ही काम शुरू करेंगे। बैठक व्यापार मंडल अध्यक्ष कुशल जेठी की अध्यक्षता में हुई।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर अप्पर बाजार एसोसिएशन के प्रधान सुशील जेठी, प्रवक्ता मुकेश गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता, धर्मेंद्र ठाकुर, राहुल गोयल, रोहित बट्टू, अरविंद गुप्ता, नितिन, मुकेश शर्मा, नितिन गोयल, अनिल कुमार, श्याम लाल, जितेंद्र शर्मा, शुभम गोयल, मुकेश, विकास, इंद्र सूरी, सुरेंद्र मारवा, गौरव साहनी, नरेंद्र वर्मा, हिमांशू साहनी, रोहित, भूपेंद्र, शुभम, राहुल गोयल, धमेंद्र ठाकुर, विपिन और अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने तैयार कर दी थी एंबुलेंस
एमओएच डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि 108 एंबुलेंस मरीजों को लेने गई थी। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी एंबुलेंस को लगभग तैयार कर दिया था। लेकिन इसी बीच 108 एंबुलेंस भी पहुंच गई। रेडक्रास एंबुलेंस की सेवाएं उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसे लेकर पीड़ित के परिजनों की एंबुलेंस को लेकर किससे क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। रेडक्रास की एंबुलेंस को जिला प्रशासन देखता है। स्वास्थ्य विभाग के पास एंबुलेंस मौजूद थी, जिसे तैयार कर दिया गया है।