{"_id":"5de7efea8ebc3e548730ea2f","slug":"tb-cases-in-solan-solan-news-sml3164480120","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 91 टीबी रोगियों की पहचान, नालागढ़ में सर्वाधिक 50 मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 91 टीबी रोगियों की पहचान, नालागढ़ में सर्वाधिक 50 मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन। स्वास्थ्य विभाग के चलाए टीबी मुक्त अभियान में नए मरीजों की पहचान की गई है। हर साल चलाए जाने वाले डोर टू डोर अभियान में स्वास्थ्य विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस अभियान में सामने आए मरीजों का अब उपचार शुरू होगा। अब तक जिले भर में 91 मरीज टीबी से ग्रस्त पाए गए हैं। गंभीर चिंता का विषय है कि इसमें सबसे ज्यादा संख्या 20 से 30 वर्ष के युवाओं की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला भर में चले अभियान में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार टीबी मरीजों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इससे अभियान सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो 16 से 30 नवंबर तक चले अभियान में सबसे ज्यादा 50 मरीज बीबीएन में पाए गए हैं। अर्की में 10, चंडी में आठ, धर्मपुर में 18 और सायरी में पांच मरीज टीबी के पाए गए हैं। हालांकि, सभी मरीजों की डॉट्स दवाई शुरू कर दी गई है। यदि पिछले वर्ष के आंकड़ों को देखा जाए तो 61 टीबी के मरीज सामने आए थे।
पूरे जिला में एक लाख 90 हजार 693 मरीजों की जांच की गई थी। लैब में 2740 मरीजों की बलगम को जांचा गया। अब तक 932 टेस्ट मशीन से किए जा चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग टीबी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के पीछे इन्फेक्शन होना, पोषक तत्वों की कमी और प्रतिदिन व्यायाम न करना मान रहे हैं।
विज्ञापन
सीबी नेट मशीन में होती है प्रतिदिन 48 नमूनों की जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए बलगम के नमूनों की जांच के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीन में एक दिन में सिर्फ 48 टेस्ट करने की क्षमता है। इसी के साथ अन्य मरीजों के बलगम की जांच को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 12 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश हैं। बहराल टीबी से ग्रस्त मरीजों को दवाई देना शुरू कर दिया गया है।
जिला को टीबी मुक्त करने के प्रयास जारी : रस्तोगी
जिला टीबी अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि सोलन को टीबी मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोई भी मरीज न छूटे, इसके लिए आश्श वर्करों को डोर टू डोर भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि जिले भर में सबसे ज्यादा मरीज नालागढ़ से सामने आए हैं। टीबी के 91 मरीजों को डॉट्स दवाई पर डाल दिया है। उन्होंने बताया कि सैंपलों की जांच पूरा करने के लिए 12 दिसंबर तक निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला भर में चले अभियान में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार टीबी मरीजों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इससे अभियान सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो 16 से 30 नवंबर तक चले अभियान में सबसे ज्यादा 50 मरीज बीबीएन में पाए गए हैं। अर्की में 10, चंडी में आठ, धर्मपुर में 18 और सायरी में पांच मरीज टीबी के पाए गए हैं। हालांकि, सभी मरीजों की डॉट्स दवाई शुरू कर दी गई है। यदि पिछले वर्ष के आंकड़ों को देखा जाए तो 61 टीबी के मरीज सामने आए थे।
विज्ञापन
पूरे जिला में एक लाख 90 हजार 693 मरीजों की जांच की गई थी। लैब में 2740 मरीजों की बलगम को जांचा गया। अब तक 932 टेस्ट मशीन से किए जा चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग टीबी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के पीछे इन्फेक्शन होना, पोषक तत्वों की कमी और प्रतिदिन व्यायाम न करना मान रहे हैं।
विज्ञापन
सीबी नेट मशीन में होती है प्रतिदिन 48 नमूनों की जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए बलगम के नमूनों की जांच के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीन में एक दिन में सिर्फ 48 टेस्ट करने की क्षमता है। इसी के साथ अन्य मरीजों के बलगम की जांच को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 12 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश हैं। बहराल टीबी से ग्रस्त मरीजों को दवाई देना शुरू कर दिया गया है।
जिला को टीबी मुक्त करने के प्रयास जारी : रस्तोगी
जिला टीबी अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि सोलन को टीबी मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोई भी मरीज न छूटे, इसके लिए आश्श वर्करों को डोर टू डोर भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि जिले भर में सबसे ज्यादा मरीज नालागढ़ से सामने आए हैं। टीबी के 91 मरीजों को डॉट्स दवाई पर डाल दिया है। उन्होंने बताया कि सैंपलों की जांच पूरा करने के लिए 12 दिसंबर तक निर्देश दिए गए हैं।